Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

चाँद के धरातल पर उतरेगा भारत का चंद्रयान-2, ISRO के वैज्ञानिकों का मानना यह होगा चुनौतिपूर्ण

By Aniket September 06, 2019

7 सितंबर 2019 दिन शनिवार को भारत चांद पर नया इतिहास रचेगा। ISRO से इस ऐतिहासिक घड़ी के साक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देश के 70 होनहार छात्र भी होंगे। शुक्रवार को आधी रात लगभग 1.30 बजे चंद्रयान-2 का लैंडर ‘विक्रम’ शनिवार तड़के चांद की सतह पर ऐतिहासिक ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने के लिए तैयार है।

चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर जब आज चांद पर लैंड करेगा तो शुरुआती कुछ घंटे काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। लैंडिंग की प्रक्रिया देर रात 1 बजे के आसपास शुरू होगी, जो 7 सितंबर सुबह तक जारी रहेगी और यही पल धड़कन बढ़ाने वाले होंगे। खास बात ये भी है कि भारत पहली बार अपने किसी यान की सॉफ्ट लैंडिंग कराने जा रहा है।

चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर 35 KM. की ऊंचाई से चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरना शुरू करेगा। तब इसकी रफ्तार 200 मीटर प्रति सेकंड होगी। यह इसरो वैज्ञानिकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण काम होगा। क्योंकि ऐसा पहली बार होगा जब कोई देश चांद के दक्षिणी ध्रुव पर होगा।

ISRO के वैज्ञानिकों के लिए होगा यह काफी चुनौतिपूर्ण है। मिशन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी से जब इस मिशन के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि अभी हम सब चुप है और हम इसको लेकर शांत माहौल बनाए हुए हैं, हम सभी के लिए यह एक बड़ी चुनौती होने वाली है, चुनौती के साथ-साथ हम इसको लेकर काफी उत्साहित भी है।

Rate this item
(0 votes)