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मुज़फ़्फ़रपुर की चर्चित नवरुणा हत्याकांड मामले में बुधवार को विशेष कोर्ट ने सीबीआइ से प्रगति प्रतिवेदन को लेकर तलब किया है। आपको बता दें कि मामले में नवरुणा की मां मैत्रेयी चक्रवर्ती की ओर से दाखिल एक अर्जी की सुनवाई के बाद विशेष सीबीआइ कोर्ट के दंडाधिकारी उमेशमणि त्रिपाठी ने यह रिपोर्ट तलब की है। सीबीआइ के ओर से कोई अधिकारी विशेष कोर्ट में उपस्थित नहीं थे। अब मामले में अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 4 जुलाई की तारीख तय की है।

नवरुणा की मां की ओर से उनकी अधिवक्ता रंजना सिंह ने विशेष कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा है कि 2014 से सीबीआइ मामले की जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई भी प्रगति प्रतिवेदन व अभियोजन साक्ष्य कोर्ट में पेश नहीं किया है। अर्जी में सीबीआइ को रिपोर्ट सौंपने के लिए निर्देशित करने की विशेष कोर्ट से प्रार्थना की गई है।

मामले में जांच पूरी करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को 21 अगस्त तक की नई डेडलाइन दे दी है। वहीं हालांकि सीबीआइ की कोई गतिविधियां सामने नहीं आ रही है।

18 सितंबर 2012 की रात नगर थाना क्षेत्र के जवाहरलाल रोड स्थित अपने आवास से सोई अवस्था में नवरुणा का अपहरण कर लिया गया था और उसके लगभग ढाई माह बाद उसके घर के निकट के नाला से मानव कंकाल मिला था। जिसमें डीएनए जांच से पता चला की यह नवरुणा की लाश है। शुरू में मामले की जांच पुलिस व बाद में सीआइडी ने की और जब कोई नतीजा नहीं निकला तो मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी दी गई। फरवरी 2014 से सीबीआइ इस मामले की जांच कर रही है। वहीं मामले के शुरुआत में सीबीआई ने कई लोगों से पूछताछ भी किया था। जिसमें शहर के एक वार्ड पार्षद को भी लेकर पूछताछ कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद जांच में तेजी लाने का निर्देश भी दिया गया था। आधे दर्जन लोगों को सीबीआई जांच में ले चुकी, लेकिन किसी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी और सब बरी हो गए।

राजधानी दिल्ली में एक दिल दहलाने वाला सामने आया है। दिल्ली के महरौली इलाके में एक शख्स ने अपने 3 बच्चों के साथ पत्नी की हत्या कर दी। आरोपी शख्स ने पहले तीन लोगों की पत्थर काटने वाली ग्राइंडर मशीन से हत्या की। वहीं एक 12 साल के मासूम बच्चे की गला घोटकर हत्या की गई। पुलिस आरोपी शख्स को हिरासत में लेकर मामले की जांच कर रही है। आरोपी ने खुद नोट लिखकर मर्डर की बात कबूली है, लेकिन उसने इसके पीछे की वजह फिलहाल नहीं बताई है।

कुछ दिन पहले मुंबई के बीवाईएल नायर अस्पताल में हुई पायल तड़वी के आत्महत्या केस में एक नया मोड़ आ गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उसकी गर्दन पर चोट के निशान मिले हैं। रिपोर्ट में मौत की प्रारंभिक वजह गर्दन पर मिले चोट के निशान बताए जा रहे हैं। बता दें कि पायल तड़वी गायनोकोलॉजी (स्त्रीरोग) की पढ़ाई कर रही थी।

मुंबई की अदालत ने रिपोर्ट को देखते हुए बुधवार को तीनों आरोपी डॉक्टरों को गिरफ्तार कर दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। वहीं तड़वी के परिवार का कहना है कि इसे हत्या के तौर पर देखा जाए। तड़वी की मां की तरफ से वकील ने अदालत को बताया कि छात्रा की मौत की परिस्थितियां बताती हैं कि यह हत्या का मामला है।

पीड़िता के वकील ने अदालत में कहा, 'उसकी मौत की परिस्थिति और शरीर पर मिले चोट के निशान से हम यह कह सकते हैं कि यह हत्या का मामला है आत्महत्या का नहीं। पुलिस को इस मामले की जांच हत्या के तौर पर करनी चाहिए। इसके लिए पुलिस को 14 दिनों का समय मिलना चाहिए।'

वकील ने अदालत में आरोप लगाया, 'आरोपी पीड़िता के शव को कहीं और लेकर गए थे और बाद में उसे अस्पताल लेकर आए। इसलिए सबूतों के साथ छेड़छाड़ का संदेह है।' मुंबई सेशंस अदालत के मजिस्ट्रेट आरएम सदरानी इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं। अभियोजक जय सिंह देसाई ने कोर्ट से 14 दिनों की अधिकतम हिरासत की मांग की है।

आरोपियों के वकील ने अदालत में आत्महत्या के लिए उकसाने की बात को खारिज करते हुए कहा कि तीनों को तड़वी की जाति का पता नहीं था। मामले को हत्या के तौर पर लेने का अनुरोध करने पर आरोपी भक्ति मेहर के वकील संदीप बाली ने कहा, जैसा कि अभियोजक का कहना है कि इसे हत्या के तौर पर माना जाना चाहिए। मैं कहना चाहता हूं कि सारी मेडिकल रिपोर्ट्स आने दीजिए।

मेहर के वकील ने आत्महत्या के लिए उकसाने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह केवल तड़वी की मां के बयान के आधार पर है और कोई भी सबूत इसका समर्थन नहीं करता है। आरोपी हेमा आहूजा और अंकिता खंडेलवाल के वकील अबाद पोंडा ने कहा कि मृतका को उसकी सामाजिक पहचान के आधार पर परेशान किया जाता था। इस मामले को अब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट को हस्तांतरित कर दिया गया है।

अमेठी के बरौलिया के पूर्व ग्राम प्रधान व भाजपा नेता सुरेंद्र प्रताप सिंह की शनिवार रात सोते समय अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सुरेंद्र सिंह की हत्या पुलिस के लिए एक पहेली बन गई थी जिसको पुलिस ने सुलझा दिया है। दरअसल सुरेंद्र की हत्या प्रधान पद के चुनाव को लेकर शुरू हुई रंजिश का परिणाम थी।

पुलिस ने बताया कि घटना का खुलासा डीजीपी ने बनारस में किया है। पूर्व प्रधान की हत्या के बाद उनके बड़े भाई नरेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गांव के बीडीसी रामचंद्र पासी, धर्मनाथ गुप्ता, नसीम, वसीम और फुरसतगंज थाने के गांव पीढ़ी निवासी अतुल सिंह उर्फ गोलू के खिलाफ साजिश रचकर हत्या करने का केस दर्ज किया था। पुलिस ने नामजद आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर उनके पास से देसी पिस्टल बरामद कर ली है।

पूर्व प्रधान के स्मृति का करीबी होने के नाते पुलिस प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए घटना के खुलासे के लिए गठित टीमों ने रविवार रात नामजद आरोपियों में शामिल रामचंद्र पासी, धर्मनाथ गुप्ता व नसीम को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि सुरेंद्र की हत्या ग्राम प्रधानी में उनके बढ़ते दखल को रोकने के लिए की गई। 

सोमवार शाम जामों थाने में औपचारिक जानकारी देते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी व उनके पास से देसी पिस्टल व कई अन्य सामान बरामद होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि लोकल पुलिस की पांच टीमों के अलावा अमेठी व सुल्तानपुर की एसओजी तथा एसटीएफ की टीमें फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। 

तनाव को देखते हुए गांव में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। सीओ अमेठी पीयूष कांत राय ने भी गांव में कैंप किया। सोमवार को सीओ के अलावा एक प्लाटून पीएसी, एक गार्द व एसओ शिवरतनगंज ड्यूटी पर गांव में तैनात रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय व डीजीपी के सक्रिय होने के बाद आईजी अयोध्या डॉ. संजीव कुमार गुप्त ने भी जिले में कैंप किया। आईजी की निगरानी में ही पकड़े गये संदिग्धों से पूछताछ भी की गई।

कहते हैं ना कोई भी सामान खरीदने या बेचने से पहले उसकी जांच करना अच्छा होता है. ऐसी ही गलती हुई मेरठ के शुभम से जिसने बिना चेक किए कुछ दिनों पहले अपना फोन अनुज प्रजापति नाम के शख्स को बेच दिया था। फोन में शुभम की एक्स-गर्लफ्रेंड के साथ कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें सेव थीं। जिनको अनुज ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

कंकड़खेड़ा पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल यह तस्वीरें जब महिला ने देखीं तो उसे काफी गुस्सा आया और उसने शुभम से बात की। इससे क्रोधित शुभम ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अनुज की हत्या कर दी। सीसीटीवी फुटेज और मौके से बरामद मोबाइल की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की है।
 
दूसरी तरफ 35 साल की महिला मुजफ्फरनगर के गंगानहर कैनाल में शनिवार को अपने 5 साल के बेटे के साथ कूद गई। पुलिस का कहना है कि शायद फोटोज के वायरल होने के अलावा अनुज की हत्या के मामले में नाम आने से परेशान होकर महिला ने आत्महत्या करने का फैसला किया। गोताखोरों ने बच्चे को तो बचा लिया लेकिन महिला की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि महिला ने मरने से पहले अपने पति को एक फोन कॉल भी किया था।

वहीं शुभम और उसके एक साथी को सहारनपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसएसपी ने बताया कि 5 संदिग्ध लोग 2 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर जा रहे थे। इस दौरान जब पुलिस ने सिक्यॉरिटी चेक पर रुकने के लिए कहा तो उन्होंने पुलिस पर ओपन फायर शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दो संदिग्धों के पैर में गोली मारी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
 
कहते हैं कि मॉर्निंग वॉक सेहत के लिए अच्छी होती हैं। लेकिन क्या हो जब मॉर्निंग वॉक पर जाना ही मौत की वजह बन जाए। ऐसा ही हुआ पटना में जहां मॉर्निंग वॉक पर गए एक व्यक्ति की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। युवक मॉर्निंग वॉक के बाद अपने घर वापस लौट रहा था।

मामला बिहार की राजधानी पटना का है जहां बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित किदवईपुरी में अज्ञात बदमाशों ने एक युवक को उस वक्त गोली मार दी जब वह मॉर्निंग वॉक के बाद अपने घर वापस लौट रहा था। मृतक की पहचान रवि राय के रूप में हुई है। वह किदवईपुरी के मंदिरी का रहने वाला था।

आस-पास के लोगों ने बताया कि बदमाशों ने रवि के सिर और पेट में गोली मारी थी। जिसके बाद उसे पीएमसीएच भेजा गया और पुलिस को सूचना की गई। सूचना पाकर जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो रवि की हालत काफी नाजुक जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की तफतीश में जुट गई है।
 
पुलिस ने बताया कि युवक पिछले साल ही जेल से छूट कर आया था। पुलिस युवक के आपराधिक इतिहास को खंगालने में जुटी है। जानकारी के अनुसार मृतक पेशे से ड्राइवर था।  सुबह-सुबह हुई इस बड़ी घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। जिसे देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।


पुलिस ने घटनास्थल से दो खोखे बरामद किए हैं। पुलिस मृतक के पिता मोती राय से पूछताछ कर रही है। लेकिन अभी तक पुलिस को हत्यारों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आगरा के डौकी थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई जब सुबह एक प्रेमी युगल का शव पेड़ से लटका मिला। दोनों के शव गांव के बाहर पेड़ से लटके मिले। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और मामले की तफतीश में जुटी है।
 
प्रेमी-प्रेमिका एक ही गांव के रहने वाले थे। लड़के की उम्र 20 वर्ष जबकि लड़की की उम्र 17 वर्ष बताइ जा रही है जो कक्षा नौ की छात्रा थी। लड़का आगरा की एक फैक्ट्री में काम करता था। दोनों के बीच तीन साल से प्रेम संबंध थे और दोनों एक ही बिरादरी के थे।  

प्रेमी युगल के परिजनों को इनके संबंधों की बात पता चल गई थी। मृतक युवक की मां ने बताया कि छह महीने पहले लड़की के भाई ने दोनों को पीटा था। परिजन दोनों के रिश्ते का विरोध कर रहे थे, लेकिन प्रेमी युगल छिप छिपकर मिलते रहते थे।
 
बताया जा रहा है कि शनिवार शाम से दोनों लापता थे। परिजन दोनों की तलाश कर रहे थे। इसी बीच रविवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के बाहर शिव मंदिर के पास पेड़ से इनके शव लटके देखे। दोनों के गले में एक ही रस्सी का फंदा लगा हुआ था। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने शवों को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा दिया।

पुलिस का कहना है कि मामला प्रेम प्रसंग का है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। लड़का और लड़की के परिजन जो बयान दे रहे हैं, वो पुलिस के गले नहीं उतर रहे। परिजनों के मुताबिक वे शमसाबाद तक दोनों को ढूढ़ते रहे, लेकिन शव गांव के बाहर मिले। वहीं लड़की की मां को बोलने नहीं दिया रहा है। पुलिस परिजनों द्वारा दिए गए बयानों को देखते हुए हत्या की आशंका जता रही है।
 
मनोहर पार्रिकर के गोद लिए गांव में लोकसभा चुनाव के बाद ही पूर्व प्रधान की हत्या का मामला सामने आया है। देर रात कुछ अज्ञात बदमाशों ने बरौलिया के पूर्व प्रधान को गोली मार दी। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र सिंह अमेठी से हाल ही में लोकसभा चुनाव जीत कर आईं स्मृति ईरानी के काफी करीबी थे।

मामला अमेठी के बरौलिया गांव का है जहां कुछ बदमाशों ने पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह को उस वक्त गोली मार दी जब वह अपने घर के बाहर सो रहे थे। घटना की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामला दर्ज कर इसकी पड़ताल शुरू कर दी है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि हाल में बीते लोकसभा चुनाव में सुरेंद्र सिंह ने स्मृति ईरानी के चुनाव प्रचार में बड़ा रोल निभाया था। स्मृति ईरानी को लोकसभा चुनाव प्रचार में सुरेंद्र सिंह ने बड़ा फायदा पहुंचाया था। पुलिस ने बताया कि बाइक सवार बदामशों ने सुरेंद्र सिंह पर फायरिंग कर दी। घायल पूर्व प्रधान को पहले तो इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते वक्त सुरेंद्र सिंह ने दमतोड़ दिया।
घटना की जानकारी देते हुए अमेठी पुलिस ने बताया कि, 'सुरेंद्र सिंह को रात 3 बजे गोली मारी गई। हमने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जांच जारी है। घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश या राजनीतिक विवाद कारण हो सकते हैं।'

गौरतलब है कि स्मति ईरानी हाल में बीते लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर संसद पहुंची हैं। ईरानी ने अमेठी के हर विधानसभा क्षेत्र में अच्छा खासा प्रचार किया और कांग्रेस के इस अभेद्य किले में सेंध लगाई। अमेठी सीट पर इससे पहले 16 चुनाव और दो उपचुनाव हुए हैं। इनमें से कांग्रेस ने यहां 16 बार जीत दर्ज की है। 1977 में लोकदल और 1998 में बीजेपी को यहां से जीत मिली थी। यहां से संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी के अलावा राहुल गांधी सांसद रहे हैं और अब यह सीट स्मृति की हो गई है।
नोएडा के पॉश इलाके में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सुप्रीम टावर के फ्लैट नंबर 003 से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़ा तो लोगों के होश उड़ गए। पुलिस ने फ्लैट के अंदर से पति-पत्नि के शव बरामद किए है। फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है।

मामला नोएडा थाना-39 क्षेत्र के सेक्टर 99 का है. यहां सुप्रीम टावर के एक फ्लैट से पति-पत्नि के शव मिले हैं. स्‍थानीय पुलिस के मुताबिक इन दोनों शव की शिनाख्‍त दिल्ली के रहने वाले शशि त्यागी (58 बर्षीय) और रेनू (55 बर्षीय)  के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक शशि और उसकी पत्नी पिछले 3 साल से सुप्रीम टावर के फ्लैट में रह रहे थे।

पड़ोसियों ने बताया कि सुप्रीम टावर के फ्लैट नंबर 003 से बदबू आ रही थी जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गेट तोड़कर शव को बरामद किया. शुरुआती जांच में पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ नहीं लग रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ सालों से शशि की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी और लाखों रुपये का कर्ज भी था। बीते 3 साल से ये पति-पत्नी एक वकील के फ्लैट में रहते थे। जांच में पुलिस को फ्लैट के अंदर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.

स्‍थानीय लोगों के मुताबिक शशि पर लाखों रुपये का कर्ज था। ऐसे में कर्ज देने वाले शशि से बार-बार पैसे मांगने उसके कमरे पर आते थे। इस कारण वह मेन गेट के पर ताला लगाकर रखते थे और पिछले गेट से आते जाते थे।
केरल में 13 जून 2006 को हुई माकपा कार्यकर्ता की हत्या के मामले में स्थानीय अदालत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को बड़ा झटका दिया है। बुधवार को अदालत ने इस मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच स्वयंसेवकों को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

भाजपा और कम्युनिस्ट पार्टियों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पों के लिए केरल चर्चा में बना रहता है। ऐसी ही एक हिंसक झड़प में 13 जून 2006 को माकपा के एक कार्यकर्ता की हत्या हुई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरएल बीजू ने हत्या, दंगा और अन्य मामलों में दोषी पाए गए 48 वर्षीय शंकरन मास्टर, 38 वर्षीय विजेश, 48 वर्षीय प्रकाशन और 40 वर्षीय काव्येश पर 50000-50000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने इसी मामले में आरोपी स्वयंसेवक वल्सान थिलेनकेरी समेत 11 अन्य को रिहा कर दिया है। इन सभी पर माकपा कार्यकर्ता केके याकूब पर बम से हमला करने का आरोप था। लगभग 13 वर्ष लंबी चली मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद 5 आरोपियों को दोषी ठहराया और अन्य को दोषमुक्त कर दिया।

गौरतलब है कि केरल को वाम दलों का गढ़ कहा जाता है। यहां भाजपा वर्षों से पांव जमाने की कोशिश कर रही है जिसके चलते दोनों दलों के समर्थकों के बीच कई बार खूनी संघर्ष हो चुका है। 2007 में ऐसी ही एक घटना में सीपीएम के एक अन्य कार्यकर्ता की हत्या हुई थी जिसमें पिछले हफ्ते ही आरएसएस और बीजेपी के 7 कार्यकर्ताओं को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

दिल्ली: मोती नगर के बसईदारापुर इलाके में बेटी पर अभद्र टिप्पणी करने का विरोध करने पर पड़ोसी ने अपने बेटों के साथ मिलकर एक कारोबारी की चाकू मारकर हत्या कर दी है, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल है। 

घटना शनिवार देर रात की है। कारोबारी को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र समेत चार आरोपियों को पकड़ लिया है। इनमें से दो नाबालिग हैं। 

पुलिस के कारोबारी ध्रुवराज त्यागी (51) पत्नी, 24 साल की बेटी और 19 साल के बेटे अनमोल के साथ बसईदारापुर इलाके में रहते थे। शनिवार देर रात वह अनमोल के साथ अपनी बेटी को सिर में दर्द होने की वजह से आचार्य भिक्षु अस्पताल ले गए थे। 

उनके साथ बेटा भी था। तीनों देर रात करीब दो बजे स्कूटी से घर आ रहे थे। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला युवक मोहम्मद आलम सड़क पर खड़ा था। उसे हटने के लिए कहा तो उसने कारोबारी की बेटी को अश्लील इशारे कर दिए। 

घर पहुंचने के बाद बेटी ने यह बात अपने पिता को बताई। इस पर ध्रुवराज त्यागी पड़ोसी मोहम्मद आलम के घर शिकायत करने पहुंचे। बातचीत के दौरान उनके बीच कहासुनी हो गई। इसी बीच मोहम्मद आलम और उसके परिवार वालों ने ध्रुवराज पर चाकू से हमला कर दिया। 

पिता के बचाव में आए अनमोल पर चाकू से वार किए गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल पिता-पुत्र को उपचार के लिए आचार्य भिक्षु अस्पताल में भर्ती कराया।  

सोमवार सुबह कारोबारी ने दम तोड़ दिया। बेटे के बयान पर पुलिस ने हत्या, जान से मारने की धमकी और अश्लील हरकत करने का मामला दर्ज कर लिया है। 

जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि पुलिस ने मोहम्मद आलम, उसके पिता जहांगीर खान को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही घटना में शामिल मोहम्मद आलम के दो नाबालिग भाइयों को हिरासत में ले लिया गया है।

 

CBI ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर शेल्टुर होम केस मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर और उसके सहयोगियों ने 11 लड़कियों की कथित रूप से हत्या की थी और एक श्मशान घाट से ‘‘हड्डियों की पोटली’’ बरामद हुई है।

शीर्ष अदालत में दायर अपने हलफनामे में, सीबीआई ने कहा कि जांच के दौरान दर्ज पीड़ितों के बयानों में 11 लड़कियों के नाम सामने आए हैं, जिनकी ठाकुर और उनके सहयोगियों ने कथित रूप से हत्या की थी। एजेंसी ने कहा कि एक आरोपी की निशानदेही पर एक श्मशान घाट के एक खास स्थान की खुदाई की गई, जहां से हड्डियों की पोटली बरामद हुई है।

गौरतलब है कि बिहार के मुजफ्फरपुर में एक एनजीओ द्वारा संचालित आश्रय गृह में कई लड़कियों का कथित रूप से बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया गया था और टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान की रिपोर्ट के बाद यह मुद्दा उछला था। इस मामले की जांच सीबीआई को स्थानान्तरित की गई थी और एजेंसी ने ठाकुर सहित 21 लोगों के खिलाफ हलफनामा दायर किया था।

सीबीआई ने कहा, ‘‘जांच के दौरान, जांच अधिकारियों और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं न्यूरो विज्ञान संस्थान द्वारा दर्ज पीड़ितों के बयान में 11 लड़कियों के नाम सामने आए हैं, जिनकी आरोपी ब्रजेश ठाकुर तथा उसके सहयोगियों ने कथित रूप से हत्या कर दी थी।’’ सीबीआई ने एक आवेदन पर हलफनामा दायर करते हुए कहा, ‘‘गुड्डू पटेल नाम के एक आरोपी से पूछताछ के दौरान खुलासे वाले तथ्यों के आधार पर, आरोपी की निशानदेही पर श्मशान घाट में एक खास स्थान की खुदाई की गई और मौके से हड्डियों की एक पोटली बरामद हुई है।’’ इस मामले में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने शुक्रवार को सुनवाई की। पीठ ने कहा कि वह आवेदन पर सीबीआई को औपचारिक नोटिस जारी करेगी और एजेंसी चार सप्ताह के भीतर इसका जवाब दायर करेगी। पीठ ने संक्षिप्त दलीलों के बाद इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए छह मई की तारीख तय की।

झारखंड के धनबाद में सोमवार को गोलीबारी हो गयी। इसमें तीन लोगों को गोली लगी है। एक व्यक्ति की हालत गंभीर है।

धनबाद के भौरा आउटसोर्सिंग में पानी के छिड़काव की मांग को लेकर यह गोलीबारी हुई है। आरोप है कि पानी के छिड़काव की मांग कर रहे लोगों पर आउटसोर्सिंग प्रबंधन ने गोलीबारी करवा दी। तीन लोगों को गोली लगी है। इनमें एक की हालत नाजुक है।

रोहित शेखर हत्याकांड में रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा ने बड़ा बयान खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि अपूर्वा की नीयत उन्हें पहले से ठीक नहीं लग रही थी। इसके बारे में उन्होंने रोहित को आगाह किया था। उन्होंने कहा कि शायद रोहित ने मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया। उज्ज्वला ने कहा कि अपूर्वा ने रोहित की हत्या कर मेरे पूरे परिवार को खत्म कर दिया। उज्ज्वला का आरोप है कि अपूर्वा ने शादी के कुछ ही दिन बाद मई 2018 में रोहित को दो कानूनी नोटिस भी भेजवाया था।

रोहित की मां ने मीडिया को बताया कि अपूर्वा चाहती थी कि रोहित उसको आपसी सहमति से तलाक दे, नहीं तो वह उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करवा देगी। जब रोहित अस्पताल में भर्ती था तब भी अपूर्वा उस पर आधारहीन आरोप लगाती थी। रोहित की मां ने बताया कि 12 सितंबर को रोहित की सर्जरी हुई थी। उसके दूसरे दिन उज्ज्वला अपूर्वा के वकील वेदांत वर्मा के घर पर अपूर्वा से मिलने पहुंचीं थीं। उन्होंने रोहित के अस्पताल में भर्ती होने की बात अपूर्वा को बताई और उससे मिलने के लिए कहा, लेकिन अपूर्वा तैयार नहीं थी। उज्ज्वला का आरोप है कि अपूर्वा रोहित से आपसी सहमति के साथ तलाक चाहती थी, साथ ही मेंटिनेंस भी चाहती थी। उज्ज्वला का आरोप है कि अपूर्वा कानूनी हथकंडे का डर दिखाकर रोहित को मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थी।

रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा के मुताबिक, रोहित और अपूर्वा की लव मैरिज थी और मैट्रिमोनियल साइट के जरिये एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। हत्या की पड़ताल कर रही क्राइम ब्रांच का कहना है कि अपूर्वा कई वजहों से रोहित के साथ शादी करके खुश नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक, अपूर्वा की नजर रोहित की दौलत पर थी, लेकिन शादी के बाद उसे पता चला कि रोहित के नाम पर कुछ भी नहीं है। वहीं, शादी के बाद अपूर्वा इस बात से भी परेशान रहने लगी थी कि रोहित नशे का आदी था। इसके साथ ही वह नींद की दवाइयां भी लेता था। अपूर्वा इस बात से और परेशान थी कि रोहित हृदय रोगी था और दो बार उसे हार्ट अटैक आ चुका था।

कांग्रेस के दिग्गज नेता और चार बार यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। इस हत्याकांड के मामले में क्राइम ब्रांच ने रोहित की पत्नी अपूर्वा शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। ये गिरफ्तारी अपूर्वा के खिलाफ ठोस सबूत मिलने के बाद की गई है। आपको बता दें कि इस मामले में शुरू से ही शक की सुई रोहित की पत्नी की तरफ घूम रही थी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक रोहित की पत्नी अपूर्वा लगातार इस मामले में बयान बदल रही थी। उससे सारा शक उसी के इर्ग-गिर्द आकर ठहर जाता था। वारदात वाली रात को लेकर अपूर्वा ने अब तक तीन अलग-अलग बयान दिए। जिसकी वजह से पुलिस का शक पुख्ता होने लगा था। पुलिस वारदात के बाद से रोहित की पत्नी समेत घर के 6 लोगों से पूछताछ कर रही थी।

दिल्ली क्राइम ब्रांच की पूछताछ में आखिर अपूर्वा ने सच उगल दिया। अपूर्वा के लगातार बदलते बयानों से पुलिस को उस पर पूरा शक गहरा गया था। रोहित शेखर की मौत के बाद जिस तरह के घटनाक्रम सामने आये उससे अपूर्वा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उससे साफ हो गया कि हत्या वाली रात अपूर्वा और रोहित के बीच झगड़ा हुआ था।

झगड़े का कारण था कि उस रात रोहित अपनी एक महिला मित्र के साथ शराब पी रहा था और अपूर्वा ने उसे देख लिया था। उधर, अपूर्वा की अपने मायके वालों के लिए अलग से मकान बनाने को लेकर भी रोहित से अनबन चल रही थी। अपूर्वा और रोहित के बीच इस मामले को लेकर हत्या वाली रात हाथापाई हुई थी और उसी दौरान रोहित का गला दबाकर उसे मार दिया गया।

पुलिस ने अपूर्वा का ब्लड सेंपल और घटनास्थल पर पाए गए खून के नमूने भी लिए थे। जिसे परीक्षण के लिए भेजा गया है। अपूर्वा ने सबूत मिटाने के लिए अपना मोबाइल तक फार्मेट कर दिया था और जिस कमरे में रोहित की हत्या हुई वहां के सीसीटीवी कैमरे खराब होना भी इस बात की तस्दीक करता था कि हत्या में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, घर का ही कोई शख्स शामिल था।

अपूर्वा के बयानों के अनुसार उसके और रोहित के बीच में हाथापाई के दौरान दोनों ही एक दूसरे को मारने की कोशिश कर रहे थे, जिसमें अपूर्वा कामयाब हो गई।

दो राज्यों के मुख्यमंत्री रह चुके स्वर्गीय एनडी तिवारी के बेटे की मौत एक पहेली बन गई है। इस मामले को शुक्रवार को पुलिस ने क्राइम ब्रांच को सौंप दिया था, जिसके बाद से इस मामले की तहकीकात तेज हो गई है। इसकी मुख्य वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का सामने आना है जिसमें तकिये से मुंह दबाकर हत्या की बात कही जा रही है।

हालांकि शुक्रवार को पुलिस रोहित के घर पर जांच के लिए गई थी लेकिन उनकी मां और पत्नी के हरिद्वार में होने से उनसे पूछताछ नहीं हो सकी थी। यही वजह है कि पुलिस शनिवार सुबह ही रोहित के डिफेंस कॉलोनी स्थित घर पर पहुंची है और पत्नी व नौकरों से पूछताछ कर रही है।

पुलिस की जांच में एक कड़ी ये भी सामने आ रही है कि रोहित की मौत वाली रात सीसीटीवी में कोई भी बाहरी शख्स घर के अंदर आता नहीं दिख रहा है। इसीलिए पुलिस के शक की सुई घर में मौजूद लोगों पर टिकी हुई है। पुलिस घर के सभी नौकरों और रोहित की पत्नी अपूर्वा से पूछताछ कर रही है। वहीं इसी बीच रोहित के ससुर का भी बड़ा बयान आया है जो बताता है कि पति पत्नी में कैसे रिश्ते थे।

रोहित शेखर तिवारी के ससुर ने बेटी पर शक जताए जाने और उससे हो रही पूछताछ के बाद दामाद के साथ अपूर्वा के रिश्तों के बारे में खुलासा किया है। रोहित के ससुर ने कहा कि मेरी बेटी निर्दोष है। मेरी बेटी-दामाद के रिश्ते बहुत मधुर थे। उनके बीच न कोई तनाव था न रिश्तों में अनबन थी। मेरी बेटी ने कुछ नहीं किया है। दोनों का रिश्ता सामान्य था।

उत्तराखंड व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की मौत के मामले में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। सूत्र के अनुसार उसकी मौत स्वाभाविक नहीं है। संभवत: तकिया से मुंह दबाकर उसकी हत्या की गई है। बृहस्पतिवार को आई आठ पेज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि रोहित की मौत दम घुटने से हुई है। पीएम रिपोर्ट में दिल का दौरा पड़ने से मौत का जिक्र नहीं है।

दिल्ली पुलिस ने पीएम रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। अब इस मामले की जांच अपराध शाखा करेगी। केस दर्ज होने के तत्काल बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने डिफेंस कॉलोनी स्थित रोहित के घर सी-329 में घटनास्थल का मुआयना किया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कुछ सैंपल और फिंगर प्रिंट भी जुटाए हैं।

दक्षिणी जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीएम रिपोर्ट के आधार पर विशेषज्ञों से राय लेने के बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार रोहित की मौत तकिये से मुंह दबाकर की गई है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि इस मामले में अगले कुछ दिनों में बड़ा खुलासा हो सकता है।

रोहित शेखर की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि रोहित उत्तराखंड के कोटद्वारा से सोमवार रात साढ़े नौ बजे घर पहुंचने के बाद खाना खाकर सो गया। किसी ने रात में रोहित के मोबाइल का लॉक खोला और उसमें कुछ देखा। मोबाइल को वही खोल सकता है, जिसे उसका पासवर्ड पता हो। पुलिस इस शख्स की पहचान करने में जुटी है। पुलिस पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि रोहित की पत्नी अपूर्वा उस रात करीब 2:30 बजे तक बाहर वाले कमरे में टीवी सीरियल ‘सावधान इंडिया’ देख रही थी। फिलहाल अपूर्वा के कमरे को बंद कर दिया गया है और किसी को जाने नहीं दिया जा रहा।

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के हत्या मामले में सीबीआई की विशेष अदालत आज अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में रोहतक के सुनारिया जेल में बंद गुरमीत राम रहीम को अदालत ने 11 जनवरी को दोषी करार दिया था। अदालत गुरमीत समेत सभी दोषियों को सजा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनाएगी। कानून के जानकारों का कहना है कि गुरमीत राम रहीम को जिन धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया है उससे बड़ी सजा सुनाए जाने की संभावना है। रोहतक पुलिस ने सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम कड़े कर दिए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों को साजो-सामान के साथ मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए सुनारियां जेल के पास 10 नाके लगाए गए है।

 यूपी के बागपत के बड़ौत में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई।इस मुठभेड़ में पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार किए बदमाशों पर लूट, हत्या जैसे कई संगीन मुकदमे दर्ज है।दरअसल बदमाश जब एक व्यापारी पर फायरिंग करके भाग रहे थे तो पुलिस ने घेराबंदी कर एनकाउंटर के बाद उन्हें पकड़ लिया।दोनों बदमाशों की निशानदेही पर तीन तमंचे और एक बाइक बरामद की गई है। मुठभेड के दौरान एक सब इंस्पेक्टर और एक कॉन्स्टेबल को भी गोली लगी जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

 

पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट आज फैसला सुना सकती है. मुख्य आरोपी डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी होगी. इसके मद्देनजर पंजाब-हरियाणा के कई जिलों समेत चंडीगढ़ में अलर्ट जारी कर दिया गया है. पंजाब के मालवा क्षेत्र के आठ जिलों की सुरक्षा के लिए 25 कंपनियां तैनात की गई हैं. पंचकूला में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं. यहां धारा 144 लगा दी गई है. जज की सुरक्षा बढ़ाने के साथ कोर्ट परिसर में 240 जवान तैनात किए गए हैं. यही नहीं पंचकूला के चार एंट्री प्वाइंट समेत 17 नाकों पर करीब 1200 सशस्त्र जवान तैनात हैं.डीसीपी कमलदीप गोयल ने बताया कि मीडिया को भी कोर्ट से 200 मीटर की दूरी बनाए रखनी होगी |

उत्तर प्रेदश की राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री प्रत्युषमणि त्रिपाठी की देर रात अज्ञात बदमाशों ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। आनन-फानन में उन्हें ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

वहीं इससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रामा सेंटर के बाहर जमकर हंगामा किया। निशातगंज में रहने वाले भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री प्रत्युष मणि त्रिपाठी के घर पर पांच दिन पहले भी हमला हुआ था।

प्रत्युष मणि ने इस हमले की शिकायत स्थानीय थाने से लेकर एसएसपी लखनऊ तक से की थी। उन्होंने हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई, लेकिन बड़े अफसरों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।

जिसके बाद कल देर रात उनकी हत्या कर दी गई। वहीं जिला प्रशासन को प्रत्युषमणि त्रिपाठी के मौत की खबर जैसे ही मिली सभी अधिकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। उन्होंने नाराज कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि लापरवाही बरतने वाले पुलिस अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।