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यूपी के बाराबंकी जिले में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत की पुष्टी हो गई है। जबकि कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना का जायजा लेने बीजेपी सांसद उपेंद्र सिंह रावत जिला अस्पताल पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले पर संवेदना व्यक्त की है और प्रमुख सचिव आबकारी को जांच के आदेश दिए हैं।

वहीं राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की है। मामले की जांच के लिए कमिश्नर, आईजी अयोध्या और आयुक्त आबकारी विभाग की जांच समिति बनाई गई है। समिति अगले 48 घंटे में जांच रिपोर्ट देगी।

मामले की जानकारी देते हुए आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया अधकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते यह घटना सामने आई है। लापरवाही के चलते हो रही ऐसी घटनाओं पर काबू करने के लिए सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कार्रवाई करते हुए जिला आबकारी अधिकारी, 1 इंस्पेक्टर, 3 हेड कांस्टेबल 5 सिपाही सहित 10 लोगो को निलंबित किया है। आबकारी आयुक्त को मौके पर भेजा गया है।

इस मामले पर पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप ने सरकार पर आरोप लगाए है। उन्होंने बाराबंकी में हुई 10 लोगों की मौत के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठराया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती है जिससे ऐसी घटनाएं सामने आती हैं।

घायलों की सूची

बता दें कि बाराबंकी में रामनगर के रानीगंज इलाके में शराब पीने के बाद कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया। अभी तक आई जानकारी के अनुसार 10 लोगों की मौत की पुष्टी हुई है। विभागीय कार्यवाही की जा रही है। 

 

नोएडा के पॉश इलाके में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सुप्रीम टावर के फ्लैट नंबर 003 से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़ा तो लोगों के होश उड़ गए। पुलिस ने फ्लैट के अंदर से पति-पत्नि के शव बरामद किए है। फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है।

मामला नोएडा थाना-39 क्षेत्र के सेक्टर 99 का है. यहां सुप्रीम टावर के एक फ्लैट से पति-पत्नि के शव मिले हैं. स्‍थानीय पुलिस के मुताबिक इन दोनों शव की शिनाख्‍त दिल्ली के रहने वाले शशि त्यागी (58 बर्षीय) और रेनू (55 बर्षीय)  के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक शशि और उसकी पत्नी पिछले 3 साल से सुप्रीम टावर के फ्लैट में रह रहे थे।

पड़ोसियों ने बताया कि सुप्रीम टावर के फ्लैट नंबर 003 से बदबू आ रही थी जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गेट तोड़कर शव को बरामद किया. शुरुआती जांच में पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ नहीं लग रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ सालों से शशि की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी और लाखों रुपये का कर्ज भी था। बीते 3 साल से ये पति-पत्नी एक वकील के फ्लैट में रहते थे। जांच में पुलिस को फ्लैट के अंदर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.

स्‍थानीय लोगों के मुताबिक शशि पर लाखों रुपये का कर्ज था। ऐसे में कर्ज देने वाले शशि से बार-बार पैसे मांगने उसके कमरे पर आते थे। इस कारण वह मेन गेट के पर ताला लगाकर रखते थे और पिछले गेट से आते जाते थे।