क्या है मानव के विकास और समुद्री स्पंज का कनेक्शन ?

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मानव शरीर,एक ऐसा शरीर जो की इंसान को केवल एक बार ही प्राप्त होता है। रहस्यों मए और सोचने की क्षमता रखने वाला ये अकेला ही ऐसा अजूबा है। मानव विकास क्रम के 70 करोड़ साल में पहली बार इंसानी जीनोम और समुद्री स्पंज के DNA में खास समान तत्व पाए गए हैं, जो भविष्य में चिकित्सा क्षेत्र में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

 

 

ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों की एक टीम के मुताबिक पता चला है कि इंसान और संभव है कि पूरे पशु जगत एक जैली जैसे समुद्री स्पंज से एक अहम जेनेटिक प्रक्रिया साझा करता है ,जो ग्रेट बैरियर रीफ में पाया जाता है। समुंद्री सतह पर रहने वाले ये समुंद्री स्पंज जिनकी स्किन पर पोर्स पाए जाते हैं,जिनके जरिए पानी उनके शरीर से बहता है।

 

 

इस पर रिसर्च कर रही डॉक्टर वांग ने बताया की सालों से इंसान और समुद्री स्पंज में कोई समानता नहीं देखि गई,पर उनकी टीम ने कुछ ऐसे हैरान कर देने वाले नतीजे बताए जिनसे वह खुद हैरान हो गए। उनकी टीम ने बताया – की उन्होंने कुछ जीनोम निर्देशों के कुछ समान हिस्से पाए है ,जो दोनों ही प्राणियों में जीन अभिव्यक्तियों को नियंत्रित करते हैं। तो क्या सच में मानव शरीर और समुद्री स्पंज में कोई गहरा तालुक है ? क्या मानव शरीर और समुद्री स्पंज का डीएनए फंक्शनिंग एक प्रकार का है ?

 

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