चंडीगढ़/28मई (नवदीप छाबड़ा)- शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज पंजाब कैबिनेट द्वारा पंजाब में किसानों की टयूबवेलों पर बिल लगाने के निर्णय को ‘उज्जवल दिन का घोर बावलापन’ करार देते हुए कहा है कि सही मानसिक स्थिति वाले किसी भी व्यक्ति को यह बात कभी समझ नही आएगी कि कांग्रेस सरकार उस समय किसानों पर बोझ डालने के बारे सोच भी कैसे सकती है जब प्राकृतिक आपदा, सरकारी लापरवाही से आर्थिकता के उतार चढ़ाव ने किसानों की कमर पहले से ही तोड़ रखी है।

उन्होने कहा कि कांग्रेस सरकार का यह निर्णय किसानों को मुफ्त बिजली की सुविधा को पूरी तरह समाप्त करने के लिए उठाया पहला कदम है, जोकि उन्होने सरदार परकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली अकाली-भाजपा सरकार द्वारा 1997 में दी गई थी। उन्होने कहा कि यह निर्णय किसानों को दिन दिहाड़े चोराहे पर फांसी देने के समान है। उन्होने कहा कि यह मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा पवित्र श्री गुटका साहिब की सौगंध खाकर किए वादों पर पंजाबियों से किया एक और विश्वासघात है।

तथाकथित सीधी लाभ तबादला नीति (डीबीटी) का हवाला देते हुए सरदार बादल ने कहा कि इस नीति का असली मतलब यह है कि अब किसानों के टयूबवेलों पर बिजली के मीटर लगाए जाएंगे तथा उन्हे बिल भरने के लिए मजबूर किया जाएगा। उन्होने कहा कि जहां तक बाद में इन बिलों की रकम की वापसी का संबध है, इस सरकार का रिकॉर्ड हम सभी जानते हैं, जोकि अपने कर्मचारियों को मेडिकल तथा दूसरे भत्तों का भुगतान करने में विफल रही है तथा इसे सरकारी कर्मचारियों को वेतन तक देने मुश्किल हो रहे हैं।ऐसी सरकार पर कौन विश्वास कर सकता है कि यह डीबीटी द्वारा किसानों को बिलों के पैसे वापिस करेगी?

सरदार बादल ने कहा कि जो कांग्रेस सरकार ने कैबिनेट के इस निर्णय को असली रूप देने का प्रयास किया तो शिरोमणी अकाली दल इस कहर को मूक दर्शक बनकर देखता नही रहेगा तथा हर हालत में किसानों के कंधे से कंधा मिलाकर इस सरकारी अत्याचार के विरूद्ध लड़ेगा।

इस मुद्दे पर पार्टी की रणनीति की रूप रेखा तय करने के लिए सरदार सुखबीर सिंह बादल ने पार्टी के निर्णयों के बारे सर्वोच्च कोर कमेटी की एक आपातकालीन बैठक तत्काल बुला ली है। यह मीटिंग 30 मई को चंडीगढ़ मे होगी।

सरदार बादल ने कहा कि विश्वास नही होता कि कोरोना महामारी के कारण आई आर्थिक मंदी की मार झेल रहे किसानों की सहायता करने की बजाय पंजाब सरकार ने उल्टा उन पर घातक प्रहार कर दिया है।

अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि यह पहली बार नही है कि कांग्रेस सरकार ने राज्य के गरीब,मासूम तथा संकटग्रस्त किसानों की पीठ में छूरा घोपा है। उन्होने कहा कि कांग्रेस में अपने पिछले 2002-2007 के कार्यकाल के दौरान भी किसानों के लिए मुफ्त बिजली की सुविधा समाप्त कर दी थी तथा इस सुविधा को दोबारा बहाल करवाने के लिए अकाली दल तथा राज्य के किसानों को एक आंदोलन करना पड़ा था। उन्होने कहा कि पर सरदार परकाश सिंह बादल की किसान समर्थक सोच के कारण सरकार द्वारा दी जा रही इस एकमात्र सुविधा को बंद करके किसानों को समाप्त करने की अपनी साजिशें कांग्रेसियों ने कभी बंद नही की।

सरदार बादल ने कहा कि सभी जानते हैं कि कांग्रेस पार्टी में कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्होने हमेशा किसानों को मुफ्त बिजली देने का विरोध किया है। उन्होने कहा कि पर अकाली दल हमारे किसानों के साथ हमेशा चट्टान की तरह खड़ा रहा है। अब भी हम यही करेंगे। हम सरकार को चेतावनी देते हैं कि वह अपना निर्णय बदल ले यां फिर लोगों के गुस्से का सामना करने के लिए तैयार रहे।

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