चंडीगढ़, 25 मई (नवदीप छाबड़ा)- शिरोमणी अकाली दल ने आज कैप्टन अमरिंदर सिंह से बीज घोटाले के बारे अपनी चुप्पी तोड़ने का आग्रह किया है तथा मुख्यमंत्री से पुलिस को उस बीज घोटाले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने के लिए भी कहा है ,जिसका कृषि विभाग द्वारा पर्दाफाश किया गया था तथा जिसके तहत् धान की ब्रीडर किस्मों के नकली बीज किसानों को ऊंची कीमतों पर बेचे गए थे।

यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि बेशक इस संबधी 11 मई को एक एफआईआर दर्ज हुई थी तथा धान के ब्रीडर बीजों की पीआर-128 तथा पीआर-129 किस्में लुधियाना के एक बीज स्टोर से जब्त की गई थी, पर अभी तक इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नही हुई है। उन्होने कहा कि ऐसा लगता है कि यह पता चलने के बाद कि ब्रीडर बीजों का उत्पादक, जिसने लुधियाना के स्टोर को बीज सप्लाई किए थे, उसे कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का संरक्षण प्राप्त है, पुलिस की कार्रवाई ढ़ीली पड़ गई है तथा उन्होनेे इस केस में अभी तक कोई गिरफ्तारी नही की है।

अकाली नेता ने कहा कि क्योंकि कृषि विभाग मुख्यमंत्री के पास है, इसीलिए उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वह किसानों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें। उन्होने कहा कि एक बड़ा घोटाला सामने आ चुका है, जिसमें धान के एक ब्रीडर बीज उत्पादक, जोकि कैबिनेट मंत्री का निकटतम सहयोगी है, ने किसानों को नकली बीज 200 रूपए प्रति क्विंटल बेचे हैं जबकि पीएयू के कृषि केंद्रों पर यह बीज 70 रूपए प्रति किलो बिकते हैं। उन्होने कहा कि किसान इस मामले में तत्काल कार्रवाई चाहते हैं तथा वह सप्लाई किए गए इन बीजों की गुणवत्ता को लेकर चिंतित हैं। उन्होने कहा कि बड़े दुख की बात है कि सभी ठगे गए किसानों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करने की बजाय तथा इस बात की जांच कराने कि क्या इन बीजों का उत्पादन आवश्यक मंजूरियां लेकर किया गया था, इस मामले में दर्ज पुलिस शिकायत को बेजान किया जा रहा है। उन्होने कहा कि पहले ही गंभीर संकट का शिकार किसानों को इस घोटाले ने निराशा की तरफ ज्यादा धकेल दिया है।

डॉ. चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री इस समुचे मामले की पड़ताल करने के लिए तत्काल एक समयबद्ध जांच का आदेश दे सकते हैं। इसके अलावा घोटाले की जड़ तक पहुंचने के लिए किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा एक स्वतंत्र जांच करवाई जा सकती है। उन्होने कहा कि यह दोनो कदम लोगों में एक संदेश भेजेगें कि मुख्यमंत्री किसानों की कठिनाईयों के प्रति संवेदनशील है तथा वह किसी के भी खिलाफ कार्रवाई करने से हिचकिचाते नही, चाहे वह कितना भी ताकतवर क्यों न हो?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here