गलवां घाटी में चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर में अपनी निगरानी बढ़ा दी है। भारतीय नौसेना तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रीय सुरक्षा के मद्देनजर अमेरिकी नौसेना और जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स जैसी विभिन्न अनुकूल नौसेना बलों के साथ अपने परिचालन सहयोग को बढ़ा रही है।

शनिवार को भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र में जापानी नौसेना के साथ एक महत्वपूर्ण युद्धाभ्यास किया था। यह एक ऐसा क्षेत्र था, जहां चीनी नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां लगातार दिखती रहती हैं।

जापान के साथ अभ्यास में  चार युद्धपोत शामिल थे। जिसमें दो भारत के और दो युद्धपोत जापान के थे।

भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण पोत- आईएनएस राणा और आईएनएस कुलुश और जापानी नौसेना के जेएस काशिमा और जेएस शिमायुकी ने इस अभ्यास में भाग लिया था। यह अभ्यास इसलिए भी महत्वपूर्ण था, क्योंकि पूर्वी लद्दाख में सीमा को लेकर भारत के साथ उलझा चीन दक्षिण चीन सागर के साथ-साथ इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी आक्रमक रुख अपना रहा था।

संसाधन संपन्न क्षेत्रों चीन के बढ़ते प्रयासों के मद्देनजर अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और फ्रांस की नौसेनाएं भारत-प्रशांत महासागर क्षेत्र में अपने सैन्य सहयोग को गहरा कर रही हैं। भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में सेना के 20 जवानों के शहीद होने के बाद सरकार ने तीनों सेनाओं को अलर्ट पर रखा है।

भारतीय नौसना को हिंद महासागर के उन क्षेत्रों में अपनी निगरानी को बढ़ाने के लिए कहा गया है, जिस ओर चीनी नौसेना की गतिविधियां लगातार हो रही हैं। सेना की गतिविधियों पर जानकारी रखने वाले विशेषज्ञों ने इस बारे में बताया।

 

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