चंडीगढ़, 30 मई (नवदीप छाबड़ा)- आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के सीनियर नेता व नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा और उप नेता बीबी सरबजीत कौर माणूंके ने मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह समेत पूरे मंत्रालय पर शराब माफिया के साथ मिले होने का गंभीर इल्जाम लगाया है।
पार्टी हैडक्वाटर से जारी बयान के द्वारा हरपाल सिंह चीमा और सरबजीत कौर माणूंके ने वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को घेरते कहा कि पिछले 2 हफ्तों से आबकारी घाटे का विवाद मुख्य सचिव करण अवतार सिंह की ओर से पूरी कैबिनेट से तीन बार मांगी गई माफी से कैसे हल हो गया है? पंजाब की जनता वित्त मंत्री से जानना चाहती है कि मुख्य सचिव की इस माफी से पंजाब का खजाना कितना भर गया है और पूरा भरने के लिए ओर कितनी माफीओं की जरूरत पड़ेगी?
‘आप’ नेताओं ने आरोप लगाया कि आबकारी घाटे और नई आबकारी नीति समेत खन्ना और घनौर की नकली शराब फैक्टरियों ने साफ कर दिया है कि सरकार लोगों या पंजाब के खजाने के हितों में नहीं, बल्कि शराब माफिया की काली कमाई का फिक्र करती है। पिछली बादल सरकार की तरह अब भी शराब माफिया मुख्य मंत्री की कमान के अधीन चल रही है। मंत्रियों का मुख्य सचिव के साथ उलझन भी ‘हिस्सेदारी’ अपना-अपना हिस्सा बढ़ाना जा बचाना ही था। इस सारी ‘डील’ को मुख्य सचिव की माफी से सफल कर ली गई, परंतु वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल समेत बाकी कांग्रेसी मंत्री-विधायक और सलाहकारों को अब पंजाब की जनता के सामने तथ्यों और आंकड़ों के द्वारा जवाब देना पड़ेगा कि राज्य में सरकारी खजाने को शराब से कितनी कमाई हुई और कितना लक्ष्य रखा गया था? आबकारी घाटा 600 करोड़ का था या फिर 5600 करोड़? जिससे राज्य के लोगों को मुख्य सचिव की प्रति माफी की कीमत पता चल सके।
हरपाल सिंह चीमा ने तामिलनाडु और दिल्ली की केजरीवाल सरकार की मिसाल देते कहा कि जब तक राज्य में सरकारी शराब निगम माडल लागू नहीं होता, उतनी देर आबकारी घाटा और शराब माफिया बढ़ता ही जायेगा। उन्होंने तामिलनाडु के हवाले से बताया कि तामिलनाडु की अपेक्षा शराब की पंजाब में अधिक खप्त है। वहीं शराब निगम के द्वारा सरकार करीब 30 हजार करोड़ रुपए कमाती है और हजारों की संख्या में रोजगार देती है, यहां 6200 करोड़ का लक्ष्य भी पूरा नहीं होता।
‘आप’ नेताओं के अनुसार यदि हाईकोर्ट की निगरानी में न्यायिक आयोग इस पूरे आबकारी घाटे की बारीकी के साथ जांच करे तो राज्य में 20 हजार करोड़ रुपए वार्षिक वाला शराब माफिया सामने आऐगा।