मेरठ में CAA हिंसा पीड़ितों से नहीं मिल पाए राहुल-प्रियंका, पुलिस ने दिया कानून व्यवस्था का हवाला

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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने मेरठ जा रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने शहर के बाहर ही रोक लिया। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से कहा कि वे केवल तीन लोग ही जाएंगे। लेकिन फिर भी पुलिस ने उन्हें शहर में नहीं जाने दिया गया। उन्हें मेरठ से बाहर परतापुर में रोक दिया गया। पुलिस ने उनसे कहा कि आप दो दिन के बाद आएं। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

 

कानून व्यवस्था का हवाला देकर राहुल-प्रियंका को रोका

कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए राहुल-प्रियंका को मेरठ में घुसने से रोका गया है। हालांकि राहुल-प्रियंका की तरफ से सिर्फ तीन लोगों के अंदर जाने की इजाजत मांगी गई थी। लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं जाने दिया। मेरठ में नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान जो हिंसा हुई थी, उसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। अभी मेरठ में धारा 144 लागू है और इस दौरान किसी तरह की राजनीतिक गतिविधि करने पर रोक है। एडीजी मेरठ प्रशांत कुमार का कहना है कि मेरठ में 144 धारा लागू है, प्रियंका और राहुल को बताया गया कि काफी भीड़ वाला इलाका है। ऐसे में अगर शांति भंग होती है, तो जिम्मेदारी उनकी ही होगी। जिसके बाद राहुल-प्रियंका मेरठ के परतापुर इलाके से वापस हो गए।

 

विरोध के दौरान हुई थी हिंसा

आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा विरोध प्रदर्शन हो रहा है। यूपी के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत कई शहरों में पत्थरबाजी, गोलीबारी भी हुई थी।

 

हिंसा में हुई थी 4 लोगों की मौत

बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद मेरठ में प्रदर्शनकारियों ने हिंसक प्रदर्शन किया था, यहां पुलिस पर पत्थरबाजी की थी। पुलिस ने बचाव में आंसू गैस के गोले छोड़े थे। इसी हिंसा में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी। विरोध प्रदर्शन के बाद से ही मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर और सहारनपुर में इंटरनेट बंद है।

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