ये है देश का सबसे अनोखा राज्य, यहां चलता है सिर्फ महिलाओं का राज!

-करिश्मा राय तंवर

 

आमतौर पर दुनियाभर में ज्यादातर समाज ऐसे हैं जो पुरुष प्रधान है. जहां हर क्षेत्र में पुरुषों को ज्यादा अधिकार मिलते हैं. लेकिन इस दुनिया में कुछ ऐसी जगह भी हैं जहां महिलाओं का ज्यादा अधिकार है और यहा महिलाओं का ही राज चलता है. आज हम आपको एक ऐसे ही समाज के बारे में बताने जा रहे हैं लेकिन इसके लिए आपको ज्यादा दूर जाने की जरुरत नहीं है. बल्कि भारत में ही ऐसी जगह मौजूद है जिसे महिला प्रधान समाज कहा जाता है

 

 

 

दुनियाभर में कई ऐसी जनजातियां हैं, जिनके बारे में जानकर हैरत होती है इनके रहन-सहन, कानून सबकुछ बिल्कुल अलग होता है. ऐसी ही एक जनजाति भारत के मेघालय में रहने वाली खासी ट्राइब्स है. यह एक ऐसी जनजाति है जहां का समाज महिला प्रधान है. यहां पूरी संपत्ति महिला यानी मां नाम पर ही रहती है. इन्हें खासी ट्राइब्स या खासी जाति के नाम से भी जाना जाता है.

 

शादी के बाद पुरुष जाता है ससुराल

यहां शादी के बाद महिलाओं को अपने पति के घर जाना नहीं पड़ता है बल्कि यहा पुरुषों को अपने ससुराल यानि कि अपनी पत्नी के घर जाना पड़ता है और बच्चों को उनके पिता के बजाय मां का उपनाम दिया जाता है. यहां मां के बाद परिवार की संपत्ति बेटों की बजाय बेटियों के नाम की जाती है. यही वजह है कि यह समाज भारत के बाकी क्षेत्रों से बिल्कुल उलट है.

 

 

दिलचस्प बात ये है जहां देश के दुसरे राज्यों में पुरुष प्रधान समाज होने के चलते महिलाओं के समान अधिकार के लिए आवाज उठाई जा रही है वहीं मेघालय के इस राज्य में बीते कुछ साल से पुरुषों ने समान अधिकार पाने को लेकर आवाज उठानी भी शुरू कर दी है. उनका कहना है कि वे बराबरी चाहते हैं. इस इलाके के पुरुष इस कोशिश में लगे हैं कि सदियों पुरानी इस व्यवस्था को बदला जाए.

 

छोटी बेटी को मिलता है विरासत का ज्यादा हिस्सा

मेघालय की खासी जाति के समाज में महिलाएं ही घर की मुखिया होती हैं….इस जनजाति में परिवार के तमाम फैसले लेने में भी महिलाओं को वर्चस्व हासिल है. बेटियों के जन्म लेने पर यहां जश्न मनाया जाता है और बेटे के जन्म पर उतनी खुशी नहीं होती. बाजार और दुकानों पर भी महिलाएं ही काम करती हैं. छोटी बेटी को विरासत का सबसे ज्यादा हिस्सा मिलता है. उसे माता-पिता, अविवाहित भाई-बहनों और संपत्ति की देखभाल भी करनी पड़ती है.

 

 

महिलाओं को समुदाय से बाहर शादी करने का अधिकार

इसके अलावा खासी जाति की महिलाओं को इस बात का अधिकार है कि वे समुदाय से बाहर शादी कर सकती हैं। इससे समाज के पुरुष बहुत खुश नहीं हैं. जहां एक तरफ भारत में महिलाओं के साथ भेदभाव के मामले आम तौर पर बहुत ज्यादा देखे जाते हैं। छेड़खानी और बदसलूकी के मामले बहुत ज्यादा सामने आते हैं. वहीं इस पूरे इलाके के समाज में महिलाओं की स्थिति अच्छी मानी जाती है,

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