ट्रंप टैरिफ’ से पहले शेयर बाजार में हरियाली, सेंसेक्स 593 अंक चढ़ा

अमेरिका के जवाबी टैरिफ के एलान से पहले बुधवार को घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान पर बंद हुए। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 592.93 (0.77%) अंकों की बढ़त के साथ 76,617.44 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 655.84 अंक या 0.86 प्रतिशत बढ़कर 76,680.35 अंक तक पहुंचने में सफल रहा। दूसरी ओर, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी इंडेक्स 166.65 (0.72%) अंक मजबूत होकर 23,332.35 के स्तर पर बंद हुआ। इस दौरान जोमैटो के शेयर 5% जबकि टाइटन के शेयर 4% की बढ़त के साथ बंद हुए।

बाजार में बुधवार को बैंकिंग और ऑटो शेयरों में हालिया गिरावट के बाद लौटी खरीदारी के कारण तेजी लौटी। हालांकि, निवेशक अमेरिका की ओर से आज घोषित की जाने वाली टैरिफ घोषणाओं का इंतजार कर रहे हैं। इससे बाजार में आगे का रुख तय होगा।

ऑटो बैंकिंग और आईटी शेयरों में दिखी खरीदारी

इस बीच, ऑटो, बैंकिंग और आईटी शेयरों में खरीदारी और मार्च में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर आठ महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से घरेलू शेयर बाजारों में सुधार दिखा। बुधवार को अमेरिकी टैरिफ घोषणाओं से पहले एफआईआई की बिकवाली के कारण मंगलवार को सेंसेक्स में 1,390 अंक या 1.80 प्रतिशत तक टूट गया था। वहीं,  निफ्टी में 353 अंक तक फिसल गया था। 

सेंसेक्स में शामिल शेयरों में से जोमैटो में करीब 5 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि टाइटन में करीब 4 प्रतिशत की तेजी आई। इंडसइंड बैंक, मारुति, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक भी लाभ में रहे। हालांकि, नेस्ले, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व और लार्सन एंड टूब्रो के शेयरों में गिरावट दिखी। बाजार में बुधवार को बैंकिंग और ऑटो शेयरों में हालिया गिरावट के बाद लौटी खरीदारी के कारण तेजी लौटी। हालांकि, निवेशक अमेरिका से आज आने वाली टैरिफ से जुड़ी घोषणाओं का इंतजार कर रहे हैं। इससे बाजार में आगे का रुख तय होगा।

जानकारों को उम्मीद- भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में होगी सकारात्मक प्रगति

शेयर बाजार की चाल पर जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “बाजार में बढ़त काफी हद तक तक इस उम्मीद से प्रेरित है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में सकारात्मक प्रगति होगी और टैरिफ का घरेलू अर्थव्यवस्था पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। मार्च में भारत के विनिर्माण पीएमआई के आंकड़े मजबूत रहने से बाजार में बुल्स को बढ़ावा मिला। पीएमआई सूचकांक आठ महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इससे वित्तीय वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कंपनियों की आय में सुधार का संकेत मिलता है।”

आशिका ग्लोबल फैमिली ऑफिस सर्विसेज के सह-संस्थापक अमित जैन ने कहा, “पारस्परिक करों पर ट्रम्प का निर्णय वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता लेकर आया है। भारत के लिए, इसका मतलब इक्विटी बाजारों में अल्पकालिक अस्थिरता हो सकती है। इसका अबसर ऑटोमोबाइल, फार्मा और आईटी जैसे निर्यात आधारित क्षेत्रों पर पड़ सकता है। इन क्षेत्रों के चुनिंदा लार्जकैप शेयरों को टैरिफ के कारण दबाव का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन भारत की मजबूत घरेलू खपत बरकरार है और यह अर्थव्यवस्था में लचीलापन लाती है।” 

निवेशकों की संपत्ति बुधवार को करीब 3.54 लाख करोड़ रुपये बढ़ी

बीएसई मिडकैप सूचकांक बुधवार को 1.38 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक 0.99 प्रतिशत चढ़कर बंद हुए। बीएसई के सभी क्षेत्रीय सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। रियल्टी सूचकांक में सबसे अधिक 3.62 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.62 प्रतिशत, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी 1.70 प्रतिशत, दूरसंचार 1.22 प्रतिशत, टेक 1.18 प्रतिशत, सेवाएं 1.10 प्रतिशत और आईटी 0.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान निवेशकों की संपत्ति में करीब 3.54 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस दौरान बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप 3,54,507.54 करोड़ रुपये बढ़कर 4,12,98,095.60 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

बीएसई में बुधवार के कारोबारी सत्र के बाद 2,863 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। वहीं, 1,091 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 131 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। एशियाई बाजारों में, टोकियो और शंघाई सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि सियोल और हांगकांग में गिरावट रही। यूरोपीय बाजार अधिकतर गिरावट पर बंद हुए। इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए।