भारत की 52% महिलाओं में खून की कमी : रिपोर्ट

एनीमिया

एनीमिया दुनिया भर में 8000 करोड़ से अधिक महिलाओं को प्रभावित करता है भारत में इसे एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या के रूप में देखा जाता है क्योंकि यह अनुमान लगाया गया है कि भारत की 52% महिलाएं एनीमिक हैं। महिलाओं में एनीमिया का प्राथमिक कारण आयरन की कमी है। ऐसे में यह गंभीरता से सोचने का विषय है कि ऐसा क्या है जो इतनी बड़ी संख्या में देश की महिलाएं खून की कमी से जूझ रही हैं, जोकि उनके जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है भारत में खान-पान में पोषण की कमी इसकी एक वजह है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में बढ़ता वायु प्रदूषण भी इस समस्या को और बढ़ा रहा है

एनीमिया क्या है?

  • एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जो तब होती है जब हमारे शरीर में पर्याप्त RBC या हीमोग्लोबिन नहीं होता है
  • हमारे ब्लड में लाल और सफेद ब्लड सेल्स हैं RBC ऑक्सीजन ले जाती हैं और WBC संक्रमण से लड़ती हैं
  • यदि हमारे शरीर में बहुत कम RBC हैं तो हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम होगा जो एनीमिया की स्थिती है

एनीमिया के लक्षण 

  • पीलापन दिखना
  • साँसों की कमी होना
  • हाथ और पैर का ठंडा होना
  • सिर दर्द होना
  • चक्कर आना
  • तेज़, धीमी या असमान दिल की धड़कन
  • नाखून या बालों का टूटना
  • भूख कम लगना

भारतीय महिलाओं में एनीमिया की स्थिती

  • भारत में 15 से 49 वर्ष की आयु की 53.1% महिलाएं और युवतियां खून की कमी और एनीमिया की शिकार हैं
  • भारत में जितनी फीसदी महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त है वो वैश्विक औसत से भी 20 % ज्यादा है

आंकड़े दर्शाते हैं

  • भारत उन देशों में शामिल हैं जहां 15 से 49 वर्ष की युवतियों और महिलाओं में एनीमिया का प्रसार सबसे ज्यादा है
  • शोध के मुताबिक शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में एनीमिया का प्रसार कहीं ज्यादा है
  • राज्यों में भी जहां नागालैंड में 22.6 % 15 से 49 वर्ष की महिलाएं और युवतियां एनीमिया से ग्रस्त है झारखंड में यह आंकड़ा 64.4 % तक दर्ज है

हाल ही में आईआईटी दिल्ली में हुए एक शोध में वायु प्रदूषण में मौजूद प्रदूषण के महीन कण जो पीएम 2.5 के नाम से जान जाते हैं। उनके लम्बे समय तक संपर्क में रहने से एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है।

शोधकर्ताओं ने जो विश्लेषण किए हैं उनसे पता चला है कि यदि भारत विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी वायु गुणवत्ता मानक 5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर को हासिल कर लेता है तो उससे देश में एनीमिया का प्रसार 53 फीसदी से घटकर 39.5 फीसदी हो जाएगा। मतलब की देश में वायु गुणवत्ता में सुधार करके एनीमिया का प्रसार को 14 फीसदी तक कम किया जा सकता है। इतना ही नहीं शोध में यह भी सामने आया है कि इसकी वजह से देश में करीब 186 जिले एनीमिया के लिए 35 फीसदी के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल कर लेंगें।

एनीमिया
VISHAKHA CHOUDHARY (ANCHOR)

 

 

 

 

 

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