बड़ी संख्या में जम्मू-कश्मीर के युवा हो रहे हैं नशे का शिकार, सर्वे रिपोर्ट में बड़ा दावा

Drugs in Jammu & Kashmir
Drugs in Jammu & Kashmir

Drugs in Jammu & Kashmir: जम्मू-कश्मीर नशे की दलदल में धंसता जा रहा है। IMHANS की सर्वे रिपोर्ट में पाया गया है कि घाटी में 25.2 फीसदी युवा नशीले पदार्थों के सेवन करते हैं। खासतौर पर ऐसी नशीली दवाईयों का इस्तेमाल किया जाता है। जिसकी वजह से जान को भी खतरा है। बता दें कि ये सर्वे घाटी के 10 जिलों में किया गया है।

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सर्वे में हुआ बड़ा खुलासा: Drugs in Jammu & Kashmir

जम्मू-कश्मीर में नशे की तस्कारी थमने का नाम ही नहीं ले रही है। दरअसल, प्रदेश प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर में एक सर्वे किया है, जिसमें पता चला है कि घाटी में बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं का सेवन किया जा रहा है। जिसका सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया गया है कि 25.2 प्रतिशत से ज्यादा बेरोजगार युवा पीड़ी इन कामों में शामिल हैं। दरअसल पिछले काफी अरसे से घाटी में ड्रग्स की समस्या काफी बड़ी हो गई है। जिसके चलते युवा तेजी से ड्रग्स लेने के आदि होते जा रहे हैं।

बता दें कि हाल ही में श्रीनगर में यह सर्वे Institute of Mental Health and Neuroscience यानी IMHANS और Govt Medical College और साथ ही Directorate of Health की मदद से किया गया है। हालांकि इस रिपोर्ट को अभी public नहीं किया गया है। लेकिन विभाग के सूत्रों ने इस रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों को साझा किया है।

2.8 फीसदी से ज्यादा लोग नशीली दवाइयों का सेवन कर रहे हैं

हालांकि निष्कर्षों से पता चलता है कि कश्मीर की कुल आबादी का 2.8 फीसदी से ज्यादा लोग नशीली दवाइयों का सेवन कर रहे हैं। जिसमें हाल फिलाल में 52 हजार 404 ड्रग्स पर निर्भर हैं। बता दें कि ये सर्वे जम्मू-कश्मीर के तकरीबन सभी 10 जिलों में किया गया और जिलों में अगल-अगल mass of substances का पता चलता है।

बता दें कि साल 2022 की study का पहला मकसद कश्मीर में अगल-अगल mass of substances का मौटे तौर पर अनुमान लगाया गया। इस study का पहला मकसद इंजेक्शन ओपिओइड पर खास ध्यान देने के साथ गैर कानूनी मादा के इस्तेमाल के पैटर्न की जांच करना भी शामिल था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कश्मीर के हर जिले में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला साइकोएक्टिव पदार्थ ओपिओइड था। साथ ही “सभी दस जिलों में, 67 हाजार 468 व्यक्ति नफसीयाती मादा पर निर्भरता के पैटर्न वाले थे और उनमें से 52 हजार 404 व्यक्ति ओपिओइड पर निर्भर थे और हेरोइन major illicit drug शामिल था। जिसका इस्तेमाल opioids यूजर्स के बीच किया जा रहा था। यह भी बताया गया है कि हीरोइन का इस्तेमाल करने वाला हर एक व्यक्ति इसे खरीदने के लिए तकरीबन 88 हजार रुपये हर महीना खर्च करता है।

नशीली पदार्थों का सेवन

सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक नशीली पदार्थों का सेवन का प्रसार 2.87% था जबकि किसी भी ओपिओइड के लिए 2.23% था। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिरोइन लेने की उम्र 22 साल थी। रिपोर्ट में आगे पता चलता है कि 28 से 15 साल की औसत आयु वाले युवा पुरुषों में नशीली पदार्थों का सेवन सबसे ज्यादा है।

हालांकि ये सर्व Principal Investigator डॉ यासिर राथर MD प्रोफेसर ने IMHANS के जारिए आयोजित किया गया था। साथ ही एडिक्शन मेडिसिन में सलाहकार डॉ फज़ल रौब भी इसमें शामिल रहे टीम ने पाया कि कुछ सालों से, घाटी में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल की सीमा में बहुत खतरनाक बढोतरी हुई है। रिपोर्ट में यह भी mention किया गया है कि घाटी में नाशीले पदार्थों का सेवन परेशान करने वाली बात भी है।

यह भी कहा गया है कि इस मामले में लोगों को जागरुक करने के लिए बड़े लेवल पर कार्यक्रम करने की जरुरत है और कई नीतियों को बनाना जरुरी है।

युवा तेजी से कर रहे हैं मादक पदार्थों का सेवन

हालांकि सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है, शराब, opioids, भांग और शामक का इस्तेमाल युवा तेजी से कर रहे हैं। ये बताया गया है कि ये सर्वे हर एक जिले के लिए स्वतंत्र रूप से किया गया है। जिससे की घाटी में बढ़ रहे नशीले पदार्थों के सेवन का सही आंकड़ा निकाला जा सके। जिसके बाद हैरान कर देने वाले आंकड़े सामने आए है। जिससे पता चलता है कि जम्मू-कश्मीर में आने वाली सबसे बड़ी परेशानी ड्रग्स सेवन हो सकती है। जिसकी वजह से घाटी में युवाओं पर काफी ज्यादा बूरा असर देखने को मिल सकता है।

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TARANNUM RAJPOOT