-नीलम रावत, संवाददाता

मंदिर में भगवान को फूल, प्रसाद तो अक्सर लोग अर्पित करते हैं. कई मंदिरों में लोग भगवान को चॉकलेट भी अर्पित करते हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश में एक ऐसा मंदिर मौजूद है जहां लोग अपनी मन्नत पूरी करवाने के लिए भगवान को घड़ियां अर्पित करते हैं.

जी हां बिलकुल सही सुना आपने, पीपल के पेड़ों पर आपने पवित्र धागा और चुनरी बंधी हुई थी कई बार देखी होगी. लेकिन पीपल के पेड़ पर हजारों घड़ियां आपको उत्तर प्रदेश के जौनपुर में ब्रह्मा बाबा मंदिर में देखने को मिलेंगी. लोगों की मान्यता है कि इस मंदिर में घड़ी चढ़ाने से उनकी मनोकामना जल्दी पूरी होती है.

इसी परंपरा के कारण इस मंदिर के देवता को घड़ी वाले बाबा कहा जाता है. इस स्थान पर घड़ी चढ़ाने की परंपरा करीब 30 साल पहले एक ट्रक ड्राइवर ने शुरू की थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि एक व्यक्ति ब्रह्म बाबा से मन्नत की थी कि वह ट्रक चलाना सीख लेगा तो दीवार घड़ी चढ़ाएगा. जब उसकी मन्नत पूरी हुई तो उसने बाबा को घड़ी अर्पित की और तब से परंपरा आजतक चली आ रही है.

स्थानीय लोगों का मानना है कि ब्रह्म बाबा सबकी मुरादें पूरी करते हैं. घड़ी वाले बाबा के दरबार में हर रोज सैकड़ों भक्त आकर दर्शन-पूजन करते हैं और पूरी आस्था के साथ दीवार घड़ी चढ़ाते हैं. उन्हें विश्वास है कि बाबा के यहां हाजिरी लगाने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ वापस नहीं जाता.

घड़ी वाले बाबा के प्रति भक्तों में इतनी अटूट आस्था है कि मंदिर परिसर में खुले आसमान के नीचे टंगी कीमती दीवार घड़ियों को कोई चुराना तो दूर, छूने तक की हिम्मत नहीं जुटा पाता. अपनी मन्नत लेकर लोग इस मंदिर में पहुंचते हैं और मनोकामना पूरी होने पर बाबा को घड़ी चढ़ाते हैं.

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