भारत का एक अनोखे गांव जहां बेहद अजीबोगरीब भाषा में बात करते हैं लोग

 

– कशिश राजपूत

 

 

हमारे देश भारत को गांवों का देश कहा जाता है। देश की लगभग दो-तिहाई आबादी गांवों में रहती है। आपको बता दें कि कुछ गांव ऐसे भी हैं जो न सिर्फ देश में बल्कि पूरी दुनिया में अपनी खास वजहों से मशहूर हैं। हिमाचल प्रदेश में भी एक ऐसा ही गांव है, जो अपने आप में बेहद रहस्यमयी है। इस गांव के लोग ऐसी भाषा में बात करते हैं, जो यहां के लोगों के अलावा और कोई नहीं समझता।

 

Ajab-Gazab : The story of a unique village in India, where people talk in a  very strange language | NewsCrab

 

कहा जाता है कि जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया तो उसके कुछ सैनिकों ने मलाणा गांव में शरण ली और फिर वहीं रहने लगे। कहा जाता है कि यहां के निवासी सिकंदर के उन्हीं सैनिकों के वंशज हैं। हालांकि यह अभी तक पूरी तरह साबित नहीं हो पाया है। मलाणा गांव में सिकंदर के समय की कई चीजें मिली हैं। कहा जाता है कि इस गांव के मंदिर में सिकंदर के जमाने की तलवार भी रखी हुई है।

 

मलाणा गांव के लोग कनाशी नाम की भाषा बोलते हैं, जो बेहद रहस्यमयी है। वे इसे एक पवित्र भाषा मानते हैं। इसकी खास बात यह है कि यह भाषा मलाणा के अलावा दुनिया में और कहीं नहीं बोली जाती है। यह भाषा बाहरी लोगों को नहीं सिखाई जाती है। इसको लेकर कई देशों में रिसर्च हो रही है  |

 

Rochak News: The mysterious village of India, where people talk in a  strange language - News Crab | DailyHunt

 

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस गांव के लोग अपने गांव में ही शादियां भी करते हैं. अगर कोई गांव के बाहर शादी करता है तो उसे समाज से बाहर कर दिया जाता है। हालांकि ऐसा मामला कम ही सुनने को मिलता है। मलाणा गांव का चरस भी बहुत प्रसिद्ध है। दरअसल, चरस भांग के पौधे से तैयार किया जाने वाला एक मादक पदार्थ है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मलाणा के लोग इसे हाथों से रगड़ कर तैयार करते हैं और फिर बाहरी लोगों को बेचते हैं।

 

 

 

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