हरियाणा की बीजेपी सरकार दिल्ली की हवा को खराब करने पर अड़ी: राघव चड्ढा

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा ने आज दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने बताया कि कैसे हरियाणा सरकार की निष्क्रियता की वजह से दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और दिल्ली की हवा लगातार खराब हो रही है। उन्होंने ये भी बताया कि कैसे EPCA के द्वारा सुझाए गए ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) को नजरअंदाज कर हरियाणा की बीजेपी सरकार ने डीजल जेनसेट पर पाबंदी लगाने से इनकार किया है जिससे दिल्ली में प्रदूषण और बढ़ सकता है।

 

8 अक्टूबर 2020 को EPCA के प्रमुख भूरे लाल जी ने हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखी (चिट्ठी की प्रति साथ है) और GRAP लागू करने को कहा। चिट्ठी के मुताबिक दिल्ली और आसपास के शहर जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा आदी में डीजल के जेनसेट के प्रयोग पर पूरी पाबंदी लगाने की बात कही गई है। 2019 में उत्तर प्रदेश और हरियाणा ने EPCA को जानकारी दी थी कि 2020 में सर्दियों के शुरुआत के पहले वो बिजली से जुड़ी सभी परेशानियां दूर कर लेंगे और इन सभी क्षेत्रों में ग्रिड से बिजली सप्लाई करेंगे जिससे डीजल जेनसेट की जरूरत ना पड़े। EPCA उन सभी आपातकालीन सेवाओं की लिस्ट भी जारी की थी जिन्हें पिछली बार सर्दियों में इस पाबंदी के दायरे से बाहर रखा गया था।राघव चड्ढा ने कहा कि “15 अक्टूबर से GRAP लागू होने के बाद दिल्ली-NCR में डीजल जेनसेट्स के उपयोग पर पूरी पाबंदी लग जाएगी। दिल्ली सरकार EPCA के बताए नियमों का पूरी तरह पालन कर रही है और वहीं दूसरी तरफ हमारा पड़ोसी राज्य हरियाणा इस पर कोई एक्शन नहीं लेना चाहता है। हरियाणा की सरकार ने EPCA को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि वो अपने राज्य में डीजल जेनसेट पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित EPCA को हरियाणा सरकार ने जानकारी दी है कि गुरुग्राम और फरीदाबाद में कई हजार घर ऐसे हैं जो बिजली के लिए इन डीजल जेनसेट्स पर निर्भर हैं और इसलिए हरियाणा सरकार इन पर प्रतिबंध नहीं लगा सकती है।”

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