Paytm के बाद अब फ्लिपकार्ट के IPO लाने की तैयारी, वॉलमार्ट ने दी जानकारी

 

अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट अपनी भारतीय इकाई फ्लिपकार्ट का आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। वॉलमार्ट ने इस बारे में जानकारी दी है। हालांकि, उसने अभी इस आईपीओ को पेश करने का समय तय नहीं किया है। दरअसल एमेजॉन को टक्कर देने के लिए वॉलमार्ट में साल 2018 में फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण किया था। अब वॉलमार्ट आईपीओ के जरिए मार्केट पर पकड़ और मजबूत करना चाहती है।

 

वॉलमार्ट इंटरनेशनल की अध्यक्ष और सीईओ जुडिथ मैककेना ने मंगलवार को ‘डीबी एक्सेस ग्लोबल कंज्यूमर कॉन्फ्रेंस’ में कहा कि फ्लिपकार्ट और भुगतान ऐप फोन- पे दोनों लगातार अच्छा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने जिस दिन से अधिग्रण या निवेश किया है उसी दिन हमने स्पष्ट किया है कि हम आईपीओ के लिए तैयार हैं।’’

 

फिलहाल तय नहीं समयसीमा

 

हालांकि मैककेना ने कहा कि फ्लिपकार्ट के शेयर बिक्री को लेकर फिलहाल कोई समयसीमा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘… अगर हम एक मजबूत कारोबार का निर्माण करते हैं और हम दीर्घकालिक तथा सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए उन चीजों को करना जारी रखते हैं जो हमें करने की आवश्यकता है, तो निश्चित रूप से एक संभावित रास्ता है जिस पर हम भविष्य में विचार करेंगे। लेकिन निश्चित रूप से उसके लिये (आईपीओ) फिलहाल कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं है।’

 

2018 में फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण

 

दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनियों में से एक वॉलमार्ट ने 2018 में फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण कर लिया था। उसने भारत के रिटेल बाजार में पैठ जमाने के लिए ऐसा किया था। भारत में उसका मुकाबला ऐमजॉन से है।  ऐमजॉन भी अमेरिकी कंपनी है। इससे पहले पिछले महीने के अंत में फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी पेटीएम ने भी भारत का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की घोषणआ की थी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह आईपीओ करीब 21800 करोड़ का हो सकता है। पेटीएम में दुनिया के दिग्गज निवेशकों ने दांव लगाया है। इस कंपनी में वॉरेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे, जापान के सॉफ्ट बैंक, चाइनीज एंट ग्रुप समेत कई निवेशकों ने पैसा लगाया है। पेटीएम और फ्लिपकार्ट जैसे आईपीओ आने के बाद निवेशकों के पास अब नए जमाने की डिजिटल कंपनियों में भी निवेश करने का मौका होगा।

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