अमेरिका ने चीन को रोकने हेतु किया हिन्द महासागर में युद्धाभ्यास

Share

 

-अक्षत सरोत्री

 

अमेरिका और चीन के बीच काफी समय से तनाव चला रहता है। इसके कई कारण भी हैं। जैसे कि समुद्र पर चीन का इंटरनेशनल नियमों को मानने से मना करना। कई बार यह दोनों देश आमने सामने आ चुके हैं। इस बार हिंद महासागर पर राज करने के चीनी ड्रैगन के मंसूबे को अमेरिका ने झटका द‍िया है। अमेरिकी नौसेना के प्रमुख केनेथ ब्रेथवेट ने कहा है कि वह हिंद महासागर में यूएस नेवी का एक नया कमांड बनाना चाहते हैं। केनेथ ब्रेथवेट ने यह ऐलान ऐसे समय पर किया है जब भारत और अमेरिका की नौसेनाएं जापान तथा ऑस्‍ट्रेलिया के साथ मिलकर अंडमान के पास हिंद महासागर में मालाबार युद्धाभ्‍यास कर रही हैं।

 

चीन की महत्वाकांक्षा से निपटने के लिए अमेरिका है तैयार

 

 

 

चीन की बढ़ती भूराजनीतिक महत्‍वाकांक्षा से निपटने के लिए अमेरिकी सेना न केवल भारत के साथ बल्कि इस इलाके के अन्‍य देशों जैसे सिंगापुर और ऑस्‍ट्रेलिया के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रही है। इससे पहले अमेरिका की फर्स्‍ट फ्लीट वर्ष 1947 से 1973 तक पश्चिमी प्रशांत महासागर में अमेरिका के नौसैनिक ऑपरेशन का काम देखती थी। करीब 50 साल पहले अमेरिका ने फर्स्‍ट फ्लीट को भंग कर दिया था और उसकी जगह पर थर्ड फ्लीट का गठन किया था। अभी तक जापान में स्थित अमेरिका के सातवें बेड़े के पास हिंद महासागर को देखने की जिम्‍मेदारी है।

 

यही बेडा 1971 में भारत हुआ था रवाना

 

यही वही सातवां बेड़ा है जो वर्ष 1971 में बांग्‍लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान भारत के खिलाफ रवाना हुआ था। यह अभी तक स्‍पष्‍ट नहीं है कि अमेरिकी नौसेना ने कब से इस बेडे़ को बनाने के लिए योजना बनाई है लेक‍िन बताया जा रहा है कि हिंद महासागर में ‘पहला बेड़ा’ तैनात करने के लिए पिछले कई महीने से योजना चल रही है। इस संबंध में केनेथ ने पूर्व रक्षा मंत्री मार्क से एस्‍पर से भी वार्ता की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *