JAISALMER: असमाजिक तत्वों ने जैसलमेर में पूर्वजों की मूर्तियां और छतरियां में तोड़फोड़ की

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असमाजिक तत्वों ने जैसलमेर में पूर्वजों की मूर्तियां और छतरियां में तोड़फोड़ की
JAISALMER, 01 मार्च (वार्ता)- राजस्थान के जैसलमेर शहर में गड़ीसर तालाब की पाल के पीछे आज कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पुरानी पूर्वजों की मूर्तियां और छतरियां तोड़ दी गई जिससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना के बाद बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे जहां एक बार माहौल गरमाया गया जिसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाया मुकदमा दर्ज करवाया गया। पुलिस ने अपराधियों को जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया जिसके बाद मामला शांत हुआ। इस घटना का पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
घटना स्थल से एक धर्म विशेष के पर्चे लिखे हुवे मिले है जिससे हिन्दुओं में काफी नाराजगी का माहौल है तथा यह साफ जाहिर हो रहा हैं कि यह साजिष के तहत धार्मिक उन्माद फैलाने की नीयत से यह कृत्य किया गया है। असल में अमृत भूतड़ा निवासी जैसलमेर जब गड़ीसर तालाब के पीछे अपने पुर्खों के पूजा स्थल पर पूजा अर्चना के लिय गए तो वहां पर न केवल मूर्तियां टूटी हुई थी वरन उन्हें टुकड़े टुकड़े करके फेंका हुवा था और वहां पर बनी हुई छतरियों पर भी उर्दू में लिखे कलमे जैस शब्दों के कागजो को वहां पर फेंके हुए थे।

JAISALMER: असमाजिक तत्वों ने जैसलमेर में पूर्वजों की मूर्तियां और छतरियां में तोड़फोड़ की

बताया गया है कि एक दो दिन पूर्व ही इन मूर्तियों को तोड़ा गया था क्योंकि पत्थर ताजे टूटे हुये नजर आ रहे थे। अमृत भूतड़ा ने इस संबंध में पुलिस थाना कोतवाली में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस को बताया कि हमारे पुर्खों की मूर्तियां तोड़कर जानबूझकर हमारी धार्मिक आस्था का ठेंस पहुंचाई गई है। उर्दू में पर्चे फेंककर हमारे डराने, धमकाने व हमारे पूजा स्थलों को कब्जा करने की गरज से यह कृत्य असामाजिक तत्वो द्वारा किया गया है।