बदलता जम्मू, कश्मीर, लदाख कॉन्क्लेव में LG मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर के न्यूनतम वेतन पर की बात

Badalta Jammu kashmir ladakh
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Badalta Jammu kashmir ladakh: गुलिस्तान न्यूज़ चैनल द्वारा आयोजित जम्मू के पहले कॉन्क्लेव – बदलता जम्मू, कश्मीर, लदाख का उद्घाटन जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने द्वीप प्रज्वलित कर जम्मू के पहले कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया। इस कॉन्क्लेव में उन्होंने अपना संबोधन भी किया।

संबोधन की शुरुआत करते हुए जम्मू के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि एक बहुत अच्छे मौके पर गुलिस्तान चैनल ने यह कॉन्क्लेव रखा है, जब आज देश की अर्थव्यवस्था काफी बेहतर हो गई है। हमने इंग्लैंड को पीछे छोड़ा है, जिस देश के सदियों तक हम गुलाम थे आज हमने उस देश को पछाड़ते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं।

जम्मू कश्मीर में आय के स्त्रोत्र पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा

उन्होंने कहा कि जम्मू में पहले जो व्यवस्था चंद लोगों के लिए काम करती थी वो व्यवस्था आज बदल गई है। अब जम्मू में ऐसी व्यवस्था हो गई कि जो यहां की आवाम के लिए काम कर रही है। हम 60 हजार करोड़ रूपए वेतन पर दे रहे हैं। जिसमें पेंशन और GPF भी शामिल है। मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आय का स्त्रोत्र बढ़ाना होगा। भारत सरकार के सर्वे की रिपोर्ट अगर आप देखेंगे कि तो आप पाएंगे कि जम्मू कश्मीर और लदाख बदल रहा है।

उपराज्यपाल ने कहा जम्मू कश्मीर में कुल बजट का लगभग 47- 48 प्रतिशत वेतन पर खर्च किया जा रहा है। देश में सबसे ज्यादा सरकारी नौकरियां जम्मू कश्मीर में है। LG ने उदहारण देते हुए बताया कि “बिहार की आबादी मौटे तौर पर 13-14 करोड़ है और जम्मू कश्मीर की आबादी 1 करोड़ 35 लाख है। जबकि जम्मू में 5 लाख सरकारी कर्मचारी हैं और बिहार में 4 लाख 63 हजार है। जम्मू कश्मीर में लगभग 1 लाख दैनिक मजदूरी वाले लोग हैं, उन्हें इस भरोसे पर रखा गया है कि उन्हें आगे चल कर पक्का कर दिया जाएगा।”

जम्मू कश्मीर में न्यूनतम वेतन – Badalta Jammu kashmir ladakh

मनोज सिन्हा ने दैनिक मजदूरी पर बात करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में न्यूनतम वेतन 300 रूपए कर दी गई है। इसी के साथ ही एक कमिटी बनाई गई है, जो तय करेगी की डेली वेज क्या रखी जाएगी।

उन्होंने बताया कि “भारत सरकार ने 500 रूपए दैनिक मजदूरी रखी हुई है लेकिन राज्यों के हिसाब से अलग अलग दैनिक मजदूरी होती है। मोटे तौर पर जम्मू कश्मीर की राजस्व उत्पत्ति लगभग 11 हजार करोड़ रूपए है। जिसमें गौर करने वाली बात ये है कि पिछले 2 वर्षो में इसमें 25 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई है और आगे चलकर ये ग्रोथ और भी ज्यादा बढ़ेगी। जबकि अब हम वेतन पर 60 हजार करोड़ रूपए दे रहे हैं।”

छात्र-छात्राओं के लिए स्कॉलरशिप

LG मनोज सिन्हा ने कहा कि बच्चियों को अब तक 100 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है। IIT, NEET, IAS, KAS में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को कोचिंग भी दी जा रही है और उन्हें स्कॉलर्शिप भी दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में स्पोर्ट्स की बात करें तो पिछले साल 17 लाख बच्चों ने खेलों में भाग लिया था और इस बार का लक्ष्य 35 लाख का है। नई स्पोर्ट्स पालिसी बना दी गई है। स्पोर्ट्स के बजट को भी बढ़ा दिया गया है। जम्मू कश्मीर का स्पोर्ट्स बजट उत्तर प्रदेश से भी ज्यादा है। वहीं हेल्थ सेक्टर की बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को 5 लाख का स्वस्थ्य बीमा दिया गया है।

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