Babri Masjid Demolition Case: CBI कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी किया, आडवाणी समेत कई नेताओं ने जताई खुशी, इकबाल अंसारी ने भी फैसले का स्वागत किया

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कोर्ट ने बाबरी विध्वंस केस में आडवाणी, जोशी और उमा भारती समेत सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया. सीबीआई कोर्ट ने कहा- घटना पूर्वनियोजित नहीं थी। जो कुछ हुआ वह अचानक हुआ. जज ने कहा कि फोटो, वीडियो के साक्ष्य मान्य नहीं हैं. सभी ने कहा राम का काम पहले ही हो गया, अब कोई फिक्र नहीं. जो सच था वह सामने आया.

 

कोर्ट का फैसला आते ही सीबीआई के विशेष कोर्ट में जय श्रीराम के नारे गूंज उठे. वहां मौजूद सभी आरोपियों और उनके वकीलों ने जमकर जय श्री राम के नारे लगाए.

 

बता दे कि  दिसंबर 1992 को आवेशित कार सेवकों ने विवादित बाबरी मस्जिद ढांचे को गिरा दिया था. इस मामले में उसी दिन शाम को राम जन्मभूमि थाने में दो अलग-अलग FIR दर्ज कराई गई थी. इन FIR में लाखों कार सेवकों के अलावा आडवाणी, जोशी, उमा भारती, विनय कटियार जैसे नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया था.

 

वहीं कोर्ट के फैसले पर बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने खुशी जताई है. अपने एक वीडियो संदेश में आडवाणी ने कोर्ट के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक है.

आडवाणी ने अपने वीडियो संदेश में कहा, ‘आज को जो निर्णय हुआ है वह काफी महत्वपूर्ण है। यह काफी खुशी वाला दिन है. काफी दिनों बाद कोई खुशी का समाचार मिला है. स्पेशल कोर्ट का जो निर्णय हुआ है वह अत्यंत महत्वपूर्ण है.’ आडवाणी ने इसके बाद जय श्रीराम का नारा भी लगाया. आडवाणी ने कहा, ‘इस फैसले ने मेरे निजी और बीजेपी का राम जन्मभूमि मूवमेंट की भावना को भी सही साबित किया है. मैं इस फैसले का तहेदिल से स्वागत करता हूं.’

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने फैसले पर कहा, ” लखनऊ की विशेष अदालत द्वारा बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में लालकृष्ण आडवाणी, कल्याण सिंह, डा. मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत 32 लोगों के किसी भी षड्यंत्र में शामिल न होने के निर्णय का मैं स्वागत करता हूं. इस निर्णय से यह साबित हुआ है कि देर से ही सही मगर न्याय की जीत हुई है.”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ट्वीट करके इस फ़ैसले का स्वागत किया है. साथ ही उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने का आरोप लगाया है.

 

उन्होंने ट्वीट किया, “सत्यमेव जयते! CBI की विशेष अदालत के निर्णय का स्वागत है. तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित हो पूज्य संतों, बीजेपी नेताओं, विहिप पदाधिकारियों, समाजसेवियों को झूठे मुकदमों में फँसाकर बदनाम किया गया. इस षड्यंत्र के लिए इन्हें जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए.”

सीबीआई कोर्ट के फैसले से पूर्व बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी का कहना है कि कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया है ये अच्छी बात है, हम इसका सम्मान करते हैं.

 

 

 

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