इस वजह से हर साल लाखों लोग भारत की नागरिकता छोड़ विदेशों में बसा रहे अपना घर

 

देशभर में तीन कृषि कानूनों की वापसी के बाद से ही लगातार नागरिकता संशोधन विधेयक में भी बदलाव करने की मांग उठ रही है. गौरतलब है कि 10 जनवरी 2020 से ही CAA यानी नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizen Amendment Bill) लागू है. सीएए के तहत नियम तैयार होने के बाद नागरिकता के लिए पात्र लोग आवेदन कर सकते हैं.

 

इस वजह से नागरिकता छोड़ रहे भारतीय

 

जानकारों का मानना है कि पढ़ाई, बेहतर करियर, आर्थिक संपन्नता और भविष्य को देखते हुए भारत से बड़ी संख्या में लोग विदेश का रुख करते हैं. इस संबंध में दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्‍म में सहायक प्रोफेसर डॉ रुद्रेश नारायण मिश्र, कुछ रिपोर्ट्स के आधार पर बताते हैं कि बीते कुछ सालों में देखा गया है कि पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले लोगों में से करीब 80 फीसदी युवा वापस भारत नहीं लौटते हैं. करियर की संभावनाओं को देखते हुए और अच्छे अवसर मिलने के कारण वे विदेशों में ही बस जाते हैं.

 

गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक विदेश में 1.25 करोड़ भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जिसमें 37 लाख लोग ओसीआई यानी ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया कार्डधारक हैं. हालांकि इन्हें भी वोट देने का, देश में चुनाव लड़ने का, कृषि संपत्ति खरीदने का या सरकारी कार्यालयों में काम करने का अधिकार नहीं होता है.