मानसून की भविष्यवाणी करता है ये मंदिर, मंदिर से जुड़े है कई अनोखे रहस्य

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-नीलम रावत, संवाददाता

पौराणिक कहानियों में आपने भविष्यवाणी होने की बातें सुनी होंगी. लेकिन, क्या आपको पता है कि भारत में एक ऐसा मंदिर मौजूद है जो आज भी भविष्यवाणी करता है. दरअसल ये मंदिर बारिश की इतनी सटीक भविष्यवाणी करता है कि गांववाले बरसात के लिए मंदिर की भविष्यवाणी पर ही निर्भर होते है.

देश का अनोखा मंदिर

ये मंदिर उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से करीब 55 किलोमीटर दूर है. गोल गुम्बद की शक्ल में बना यह मंदिर पूरे भारत में अनोखा है. इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ की मूर्ति है, उसमे भगवान विष्णु के 24 अवतार साफ देखे जा सकते हैं. इन 24 अवतार में कलयुग में अवतार लेने वाले कल्कि भगवान की भी मूर्ति स्थापित है.

कुछ इतिहासकार इस मंदिर को 9वीं शताब्दी का तो कुछ इसे बुद्ध कालीन बताते हैं. क्योंकि इसकी कलाकृति 9वीं शताब्दी की है, तो देखने मे ये बौद्ध स्तूप की तरह लगता है. इसलिए इसके अलग अलग मत है. लेकिन अंदर से ये मंदिर 4200 साल पुराना और बाहर से जीर्णोद्धार के बाद 1800 साल पुराना बताया जाता है.

मानसून की करता है भविष्यवाणी

जगन्नाथ जी का ये मंदिर मानसून की भविष्यवाणी करता है. मानसून के लगभग 15 दिन पहले ही ये बता देता है कि अब पानी बारिश होने वाली है. यही नहीं गर्भ गृह के चारों ओर 14 फ़ीट की दीवार है और जगन्नाथ की प्रतिमा के ऊपर गुंबद में ऐसा मंदिर है, जिसपर मानसून आने से पहले पानी की बूंदें नजर आने लगती है, जिससे पता चलता है कि मानसून आने वाला है.

मंदिर पर नहीं गिरती आकाशीय बिजली

मानसून की भविष्यवाणी करने वाले इस मंदिर पर कभी आकाशीय बिजली नहीं गिरी. इस मंदिर के ऊपर एक सूर्य चक्र लगा है, जिसकी वजह से आज तक यहां पर और आसपास के क्षेत्र में कभी आकाशीय बिजली नहीं गिरी. इसके अलावा गांव में ही मानसून मंदिर के परिसर में एक राम कुंड तालाब भी है. जिसको लेकर कहा जाता है कि भगवान राम ने यहां पर लंका पर विजय के बाद अपने पिता का पिंड दान किया था.

मानसून की दस्तक की सूचना मिलने के बाद ही आसपास के गांवों के किसान फसल लगाने की शुरूआत करते हैं. सालों से ये मंदिर मानसून आने की भविष्यवाणी कर रहा है और आज भी गांव के लोग बरसात के लिए इसी पर निर्भर है.

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