बिहार में अब नहीं दिखेगी नीतीश-सुमो की जोड़ी,जानिए सुशील मोदी को क्यों नहीं बनाया गया डिप्टी सीएम

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रवि श्रीवास्तव 

पिछले तीन दशकों से बिहार की राजनीति में सक्रिय सुशील मोदी इस बार सीएम नीतीश संग डिप्टी सीएम नहीं बनेंगे, ये तय चुका है। आधिकारिक बयान भले ही नहीं आया लेकिन तय ये भी है कि सुशील मोदी बिहार सरकार में कोई मंत्री भी नहीं रहेंगे। अब सवाल है कि आखिर सुशील मोदी कहां जाएँगे ?क्या उन्हें केंद्र सरकार में मौका मिलेगा या फिर वो राजनीति से सन्यास लेंगे ? इन सवालों की पड़ताल हमने की तो कुछ रोचक बातें पता चली

 

सुशील मोदी क्यों नहीं बने डिप्टी सीएम ?

पुख्ता सूत्रों के मुताबिक सुशील मोदी अगर डिप्टी सीएम नहीं बने तो उनके लिए केंद्र जगह बनाई जा चुकी है। हालांकि अभी सस्पेंस है कि वो राज्यपाल बनेंगे या फिर कैबिनेट में कोई पद उन्हें मिलेगा, लेकिन अगर इस सवाल पर गौर करें कि आखिर उन्हें इस बार डिप्टी सीएम क्यों नहीं बनाया तो सियासी पंडित यही जवाब दे रही है कि इस बार बीजेपी ने व्यक्ति की जगह संगठन को प्राथमिकता दी है, तार किशोर और रेणु देवी इसका उदाहरण है

 

वंशवाद पर बीजेपी ने की चोट 

बिहार की जीत का जश्न जब दिल्ली में बीजेपी ने मनाया तो उस दौरान भी पीएम मोदी ने वंशवाद और परिवारवाद को एक तरीके की बीमारी बनाई थी, सुशील मोदी को बिहार से निकालकर वो इसका उदाहरण देने की कोशिश कर रहे हैं वो ये संदेश दे रहे हैं कि संगठन में हर कार्यकर्ता की इज्जत है

 

सुशील मोदी को डिप्टी सीएम ना बनाकर बीजेपी ने एक तरीके का प्रयोग ही किया है। प्रयोग में पार्टी के जाने-अनजाने चेहरे को सत्ता की कमान सौंपकर पार्टी नया संदेश देने में भी कामयाब हुई है। बीजेपी संदेश ये भी देना चाहती है कि पार्टी में परिवार व वंशवाद के बदले कार्यकर्ताओं को महत्व दिया जाता है। सुशील मोदी के बदले अगर तारकिशोर प्रसाद को विधानमंडल दल का नेता बनाया गया है तो पार्टी की यही सोच झलकती है।

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