बिहार के महिला विकास निगम ने दहेज विरोधी अभियान की योजना बनाई

Anti-dowry campaign in Bihar : बिहार का महिला विकास निगम (WDC) दहेज के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की तैयारी कर रहा है ताकि लोगों को शादी के कार्ड पर दहेज विरोधी घोषणाएं छापने के लिए राजी किया जा सके। दहेज के खिलाफ प्रतिज्ञा के लिए गैर सरकारी संगठनों को शामिल करने पर भी विचार कर रहा है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, 2020 में दहेज हत्या के 1,046 मामलों के साथ बिहार देश में दूसरे स्थान पर था।

सीएम नीतीश कुमार की अपील

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दहेज लेने के खिलाफ शपथ लेने और शादी के कार्ड पर इसके खिलाफ घोषणापत्र छपवाने की अपील की है। जनवरी 2017 में, उन्होंने दहेज विरोधी अभियान चलाया और बाद में इस प्रथा के खिलाफ एक मानव श्रृंखला बनाई गई।

डब्ल्यूडीसी के परियोजना समन्वयक अजय श्रीवास्तव ने कहा, “दहेज विरोधी घोषणाओं के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है… डब्ल्यूडीसी एक आक्रामक जागरूकता अभियान (इसके लिए) शुरू करने की तैयारी कर रहा है।”

मीना तिवारी ने इस कदम का स्वागत किया

अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संघ की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने इस कदम का स्वागत किया। “हर महिला ने शादी के कार्ड पर दहेज विरोधी घोषणा करने के लिए लोगों से उनकी (कुमार) की अपील की सराहना की। लेकिन समस्या यह है कि इसे कैसे अंजाम दिया जाए।”

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान के शिक्षक जयमंगल देव ने कहा कि हर कोई जानता है कि दहेज अवैध है। “तब भी यह कुप्रथा जारी है। इसे रोकने का एक ही तरीका है कि लोगों के नजरिए में बदलाव लाया जाए।”