3 भाजपा नेताओं की हत्या आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोयबा ने की, बिना युद्ध के ही 3 साल में 200 जवान हुए हैं शहीद

Share

-अक्षत सरोत्री

जम्मू-कश्मीर में भाजपा क्या कई नेता निशाने पर रहे हैं। यह आज की बात नहीं है लम्बे समय से चला आ रहा है। आज आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोयबा ने इन हत्याओं की जिम्मेवारी ली है। दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में कल रात आतंकियों ने बीजेपी के 3 नेताओं की हत्या कर दी। सेना आतंकियों की तलाश में है, लेकिन जो नेता मारे गए उनके घरों में मातम है।

3 महीने पहले आतंकियों ने  की हत्या की थी

कश्मीर घाटी में पिछले 3 महीने में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं में 2 सरपंच, भाजपा का एक युवा नेता और उसका भाई और पिता शामिल हैं। 8 जुलाई की शाम नॉर्थ कश्मीर के बांदीपोरा में भाजपा के युवा नेता वसीम बारी, उनके पिता और उनके भाई की गोली मार कर हत्या कर दी गयी। इस हमले के बाद साउथ कश्मीर में 3 हमले हुए जिनमें भाजपा के 2 सरपंच मारे गए और एक घायल हुए हैं। पिछले रविवार को कश्मीर के बडगाम जिले में एक और सरपंच की गोली मार कर हत्या कर दी। भाजपा से जुड़े सरपंच मोहम्मद अमीन कहते हैं, ‘हमें जबरदस्ती ऐसी जगह पर रखा गया है, जहां न खाने का इंतेजाम है और न सोने का। मेरी बेटी का ऑपरेशन होना था, अभी वो अस्पताल में थी।

3 हत्याओं के बाद क्या कहा आईजी ने

जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजी का कहना है कि यह प्री-प्लान अटैक लग रहा है। गाड़ी का पीछा किया गया और फिर आतंकियों की ओर से गोली मारी गई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान स्पॉन्सर टेरिज्म है। वहीं से लोगों को धमकी दी जाती है और लोगों की हत्या करने का प्लान रचा जाता है। इस मामले में लोकल के तीन आतंकियों पर शक है, जिसमें अब्बास शेख, निसार शामिल है।

बिना किसी युद्ध के 3 साल में 200 जवान शहीद

गौर करने बाली बात यह है कि पिछले 3 साल में बिना किसी युद्ध के ही घाटी में 200 जवानों ने अपनी शहादत दी है। यह आंकड़ा घाटी में हो रहे हालातों को बयाँ करता है और चौंकाने बाला भी है। जब तक घाटी में हलात सही नहीं हो जाते है ऐसी ही स्थिति रहने बाली है।

पिछले एक साल में कितने सेना ने कितने आतंकियों को मारा

साल 2019 से अब तक सेना ने ऑप्रेशन आलआऊट के लगभग 245 आतंकियों को ढेर किया है। इसमें कई टॉप के कमांडर भी शामिल हैं जैसे समीर टाइगर, अहमद भट, रियाज नायकू, सजाद नवाब डार, अहमद भट आदि हैं। लेकिन जिस तरह आतंकी मरते हैं और फिर लड़ने को तैयार हो जाते हैं भारत के लिए काफी चिंता का विषय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *