दिल्ली में किसानों पर मुकदमें, केजरीवाल सरकार की विफलता का सबूत है: रामवीर सिंह बिधूड़ी

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-प्रणय शर्मा, संवाददाता

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने पराली जलाने के मामले में दिल्ली के कई किसानों पर मुकदमे दर्ज होने के लिए दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने जानना चाहा कि पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश की सरकारों को पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने की नसीहत देने वाले मुख्यमंत्री केजरीवाल को बताना चाहिए कि उनकी सरकार ने दिल्ली में ऐसे क्या इंतजाम किए हैं जिससे यहां के किसान अपने खेतों में पराली नहीं जलाएं।

 

बिधूड़ी ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार इस मामले में पूरी तरह फेल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को रोकने के लिए मुख्यमंत्री केवल घोषणाएं करते हैं, उन पर अमल नहीं किया जाता। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपनी पिछली सरकार के गठन के बाद ही प्रदूषण को काबू करने के लिए पांच वायदे किये थे। इसके तहत मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीनों से सड़कों की सफाई, पुराने डीजल वाहनों को सड़कों से हटाने, दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर एयर प्यूरीफायर लगाने, हेलिकॉप्टर से पानी बरसाने और सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को दुरुस्त करने की बात कही गई थी। लेकिन कई साल बीत चुकने के बावजूद इन वायदों को पूरा नहीं किया गया।

 

नेता प्रतिपक्ष बिधूड़ी ने कहा कि आज दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रदूषण लोक निर्माण विभाग की टूटी सड़कों की वजह से हो रहा है। इन सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हैं जिनसे उड़ रही धूल वायु प्रदूषण को बढ़ा रही है। उन्होंने भारतीय प्रद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर द्वारा जारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में 38 प्रतिशत प्रदूषण सड़कों की धूल के कारण होता है। उन्होंने सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च की रिपोर्ट का भी हवाला दिया और कहा कि उस रिपोर्ट में भी यही कहा गया है कि पराली से ज्यादा दिल्ली के स्थानीय स्रोत यहां प्रदूषण के लिए ज्यादा जिम्मेदार हैं।

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