कोरोना महामारी से निपटने में दिल्ली सरकार विफल -रामवीर सिंह बिधूड़ी

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– प्रणय शर्मा, संवाददाता

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार पर कोरोना महामारी से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार के मंत्रियों ने जब दिल्ली में कोरोना को लेकर भय का माहौल पैदा कर दिया, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्री अमित शाह ने मोर्चा संभाला और दिल्ली के लोगों को इस महामारी से राहत दिलाई।

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को कोरोना महामारी पर हुई अल्पकालिक चर्चा में हिस्सा लेते हुए नेता प्रतिपक्ष रामवीर बिधूड़ी ने कहा कि आज जिस दिल्ली मॉडल की तारीफ आम आदमी पार्टी के विधायक कर रहे हैं उन्हें नहीं भूलना चाहिए कि दिल्ली के अस्पतालों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि इन अस्पतालों में मरीजों का हाल जानवरों से भी बदतर है और ये अस्पताल यातना शिविर बन गए हैं। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि जुलाई के अंत तक मरीजों की संख्या 5.5 लाख हो जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि यह महामारी दो साल तक रहने वाली है। इन बयानों से दिल्ली में भय का माहौल बन गया। इतना ही नहीं, जब दिल्ली सरकार के डॉक्टरों-नर्सों ने सुविधाओं की कमी की बात की तो दिल्ली सरकार ने उनको धमकाना शुरू कर दिया। तब प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर गृह मंत्री शाह ने बैठक बुलाई और उसके बाद दिल्ली में कोरोना के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने 20 हजार नए बेड की व्यवस्था कराई। दिल्ली सरकार के अस्पतालों को वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीमीटर पीपीई किट आदि उपलब्ध कराए। घर-घर टेस्टिंग की व्यवस्था कराई।

नेता प्रतिपक्ष रामवीर बिधूड़ी ने कहा कि जब लाखों लोग दिल्ली छोड़कर जाने लगे तब भाजपा के कार्यकर्ताओं ने ऐसे लोगों को भोजन, कपड़े और जूते-चप्पल आदि तक देने का काम किया। दूसरी ओर आरएसएस व सेवा भारती जैसी संस्थाओं ने घर-घर पका हुआ खाना, काढ़ा आदि बांटकर सेवा का काम किया।

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