बॉम्बे हाईकोर्ट का अर्नब को झटका, नहीं मिलेगी जमानत

Share

 

 

-अक्षत सरोत्री

 

अर्नब गोस्वामी का मामला काफी उछला हुआ है। एक बड़े डिजाइनर की आत्महत्या के मामले में अर्नब पिछले 6 दिनों से जेल में बंद हैं। इस मामले में जमकर हंगामा हो रहा है। लेकिन जैसे जैसे कोर्ट की कार्यवाई हो रही है कोर्ट दो बार जमानत देने से मना कर चुका है। अब इसमें असल में न्याय हो रहा है या फिर अदालत के ऊपर कोई राजनितिक दबाब है यह तो मामले की जांच के बाद ही पता चल पाएगा। लेकिन इस मामले में देश दो धड़ों में बंट गया है एक है जो कह रहे हैं कि सबको नया मिलना चाहिए और दुसरा धड़ा है वो जो अर्नब के पक्ष में खड़ा है।

 

आखिर अर्नब क्यों बंद हैं जेल में

 

पुलिस का दावा है कि अर्नब हिरासत में मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहे थे, जिस वजह से उन्हें जेल भेजा गया है। तलोजा जेल के एसपी कौस्तुभ कुरलेकर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, ‘बैरक में शिफ्ट करने से पहले उन्हें कुछ दिनों तक जेल के अंदर बने क्वारंटीन केद्र में रखा जाएगा।’ गोस्वामी को चार नवंबर को दो अन्य आरोपियों- फिरोज शेख और नितेश सारदा के साथ गिरफ्तार किया गया था। यह मामला साल 2018 का है। एक इंटीरियर डिजायनर ने तीनों पर पैसे न चुकाने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी। डिजायनर ने आरोप लगाया था कि उसने गोस्वामी के लिए रिपब्लिक टीवी का स्टूडियो बनाया था। गोस्वामी ने इसका लाखों रुपये का भुगतान नहीं किया। गिरफ्तारी के बाद गोस्वामी को उसी दिन अलीबाग मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने पेश किया गया था, जहां से उन्हें 18 नवंबर तक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। रिपब्लिक टीवी के संपादक को पहले अलीबाग पुलिस थाने ले जाया गया, जहां से उन्हें अलीबाग प्राइमरी स्कूल शिफ्ट किया गया था। चार दिनों तक यहां रहने के बाद अब उन्हें तलोजा जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।

 

बॉम्बे पुलिस ने अर्नब पर क्या-क्या आरोप लगाए हैं

 

 

 

अधिकारी ने बताया कि 2018 में एक आर्किटेक्ट और उनकी मां ने कथित तौर पर गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी द्वारा उनके बकाया का भुगतान न किए जाने के कारण आत्महत्या कर ली थी। इस वर्ष मई में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने आर्किटेक्ट अन्वय नाइक की बेटी अदन्या नाइक की नई शिकायत के आधार पर फिर से जांच का आदेश दिये जाने की घोषणा की थी। देशमुख ने बताया था कि अदन्या ने आरोप लगाया है कि अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी के चैनल द्वारा बकाया भुगतान ना करने के मामले में जांच नहीं की। उसका दावा है कि इस कारण ही उसके पिता और दादी ने मई 2018 में आत्महत्या कर ली थी।

सुशांत मामले क्या उपलब्धि थी अर्नब गोस्वामी की

 

 

याचिका में इस मामले में कथित तौर पर ‘नुकसान पहुंचाने वाली रिपोर्टिंग’ करने का दावा करते हुए गोस्वामी और उनके चैनल के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने का भी अनुरोध किया गया है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि उक्त पत्रकार और टीवी चैनल सुशांत की लिव इन पार्टनर रहीं रिया चक्रवर्ती को निशाना बना रहे हैं और जज, जूरी और सजा देने वाले की तरह बर्ताव कर रहे हैं। लिहाजा तरह की रिपोर्टिंग पर रोक लगाने का प्रावधान किया जाए ताकि मामले में निष्पक्ष सुनवाई हो सके।

One thought on “बॉम्बे हाईकोर्ट का अर्नब को झटका, नहीं मिलेगी जमानत”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *