मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को कनाडा करेगा भारत को प्रत्यर्पण

Mumbai attack

 

-अक्षत सरोत्री

 

मुंबई में 2008 को हुए हमलों (Mumbai attack) के वैसे तो कई आरोपी हैं जैसे हाफिज सईद, जकी-उर-रहमान-लखवी, डेविड हैडली इन्ही में से एक है तहव्वुर राणा जो की इस समय कनाडा में रहता है। जानकारी मिल रही है कि आतंकवादी हमलों में मुख्य आरोपी पाकिस्तानी मूल के कनाडाई कारोबारी तहव्वुर राणा ने स्वयं को भारत प्रत्यर्पित किए जाने का विरोध किया है। उसने दलील दी है कि जिन अपराधों के लिए उसके प्रत्यर्पण की अपील की गई है, उनमें उसे पहले ही बरी किया जा चुका है।

 

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राणा ने दी यह दलील

 

 

राणा के वकीलों ने भारत-अमेरिका प्रत्‍यर्पण संधि का हवाला दिया है। डेविड कोलमेन हेडली के बचपन के दोस्त राणा (59) को 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों (Mumbai attack) में संलिप्तता के लिए भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध पर 10 जून को लास एंजिलिस से दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया था। मुंबई हमलों में छह अमेरिकी नागरिकों समेत कुल 166 लोगों की मौत हो गई थी। मुंबई आतंकवादी हमलों की साजिश रचने में लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी हेडली शामिल था।

 

हेडली को इस मामले में सरकारी गवाह बनाया गया

 

 

हेडली को इस मामले में सरकारी गवाह (Mumbai attack) बनाया गया था और वह हमले में अपनी भूमिका के लिए फिलहाल अमेरिका की जेल में 35 साल के कारावास की सजा काट रहा है। राणा के वकीलों ने पिछले सप्ताह लास एंजिलिस की जिला अदालत में न्यायाधीश जैकलीन केलोनियन के समक्ष प्रत्यर्पण का विरोध करते हुए याचिका दायर की थी।

 

 

संधि के अनुच्छेद 9 का दिया हवाला

 

 

राणा के वकीलों ने दलील दी कि अमेरिका-भारत प्रत्यर्पण संधि के अनुच्छेद छह के तहत राणा को भारत प्रत्यर्पित नहीं किया जा सकता क्योंकि जिन अपराधों के लिए उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया गया है, उसमें उसे पहले ही बरी (Mumbai attack) किया जा चुका है। साथ ही संधि के अनुच्छेद 9 के तहत भी उसे प्रत्यर्पित नहीं किया जा सकता क्योंकि सरकार ने कथित अपराधों में राणा की संलिप्तता पर विश्वास करने के संभावित कारण नहीं बताए हैं।

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