अब चीन ने भी बनाया पैगंबर का कार्टून, इस्लामिक देशों की कोई प्रतिक्रिया नहीं?

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-अक्षत सरोत्री

फ्रांस में पैगम्बर का कार्टून बनाने पर इतना बबाल हुआ जो कि पूरी दुनिया ने देखा। फ्रांस का विरोध पूरी दुनिया में देखने को मिला खासकर इस्लामिक देशों में जैसे की पकिस्तान में इसका ऐसे विरोध हुआ मानों पकिस्तान न जाने कब फ्रांस पर हमला कर देगा लेकिन आज ऐसा ही एक कार्टून का फोटो चीन ने बना डाला। इसपर पकिस्तान ने चुप्पी साध ली है कारण सबको पता चीन पाकिस्तान का लंगोटिया यार जो है। मतलब और देश गलती करे तो वो एक बड़ा गुनाह लेकिन चीन को सौ गलतियां भी माफ़ हैं। यह कैसी निति जो समझ से परे है। चीन के सरकारी चैनल चाइना सेंट्रल टेलिविजन (सीसीटीवी) ने हाल ही में पैगंबर मोहम्मद का कैरिकेचर प्रसारित किया था। वीगर ऐक्टिविस्ट अर्शलान हिदायत ने चाइनीज टीवी सीरीज की ये क्लिप ट्वीट की थी। इस क्लिप में तांग राजवंश के दरबार में एक अरब राजदूत को दिखाया गया है। इसमें अरब राजदूत पैगंबर मोहम्मद की एक पेंटिंग चीनी सम्राट को सौंपते हुए नजर आते हैं। हालांकि, चीन की इस हरकत के खिलाफ पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देशों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। एक यूजर ने ये भी सवाल किया कि क्या मुस्लिम दुनिया अब पैगंबर मोहम्मद के कैरिकेचर दिखाए जाने पर चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की अपील नहीं करेगी। कुछ इंटरव्यू में इमरान खान चीन को समर्थन देते हुए भी नजर आए और कहा कि हर देश को आतंकवाद से लड़ने का अधिकार है।

फ्रांस में हिंसा का कारण क्या है

पैगंबर मोहम्‍मद साहब के कार्टून विवाद के बीच फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुअल मैक्रां के बाद उनके एक मंत्री के बयान से बवाल मच गया है। फ्रांस के आंतरिक मामलों के मंत्री गेराल्‍ड डरमानिन ने रविवार को एक अखबार को दिए साक्षात्‍कार में कहा क‍ि फ्रांस ने कट्टरपंथी इस्‍लाम के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है। इससे पहले फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति ने कहा था कि ‘इस्‍लाम संकट में है।’ मैक्रों के इस बयान की मुस्लिम देशों ने कड़ी आलोचना की थी। मैक्रां ने दो अक्‍टूबर को ‘इस्‍लामिक अलगाववाद’ से निपटने के लिए अपनी योजना पेश की थी। उन्‍होंने कहा कि इस्‍लामिक अलगाववाद से निपटने के लिए संसद में एक बिल पेश किया जाएगा। इसमें मस्जिदों के वित्‍तपोषण की निगरानी और धार्मिक गुटों के स्‍कूलों और अन्‍य संगठनों की जांच की जांच की जाएगी। इस भाषण में उन्‍होंने कहा था कि इस्‍लाम विश्‍वभर में संकट में है।

फ्रांसीसी मंत्री के बयान से सोशल मीडिया में बवाल

गेराल्‍ड ने कहा कि उन लोगों के खिलाफ सख्‍त कदम उठाए जाएंगे जो अधिकारियों पर दबाव डालते हैं या जो शिक्षकों के पाठ को ग्रहण करने से इनकार करते हैं। फ्रांसीसी मंत्री के इस बयान से सोशल मीडिया में बवाल मच गया है। बड़ी संख्‍या में मुसलमान ट्वीट करके फ्रांसीसी मंत्री के इस बयान की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। यही नहीं मुस्लिम 5 साल की सजा और भारी जुर्माने पर भी सवाल उठा रहे हैं। इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों ने शनिवार को कहा था कि जो मुस्लिम पैगंबर मोहम्मद के कार्टून को लेकर परेशान हैं, हम उनका सम्मान करते हैं लेकिन इस आधार पर हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता है।

चीन एक ऐसा देश जहाँ दूसरे धर्म की नहीं की जाती है इज़्जत

चीन में ऐसे-ऐसे कानून हैं कभी मुसलमानों को ‘लंबी दाढ़ी पर पाबंदी’ लगाई जाती है, तो कभी उन्हें ‘क़ुरान न रखने का आदेश’ दिया जाता है। कभी उनका ‘ब्रेनवॉश करने की कोशिश’ की जाती है तो कभी उनकी ‘औरतों की ज़बरन नसबंदी’ की जाती है। वीगर मुसलमानों को लेकर चीन पर जब-जब इस तरह के आरोप लगे, चीन ने हमेशा उन्हें बेबुनियाद बताया। इसी कड़ी में, एक रेलवे स्टेशन का ड्रोन से लिया गया वीडियो फुटेज भी चर्चा में रहा।

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