20 नवंबर से शुरू होगा छठ का महापर्व, जानिए क्या है छठ पूजा का शुभ मुहूर्त

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-नीलम रावत

 

भगवान सूर्यदेव हमारे सामने साक्षात मौजूद है। सूर्यदेव को अर्घ्य देकर भक्तगण उनकी अराधना करते हैं। सुखी जीवन की कामना के लिए सूर्यदेव की अराधना की जाती है। हर साल कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को छठ पूजा की शुरूआत होती है। इस साल 20 नवंबर को छठ का महापर्व मनाया जा रहा है।
छठ पूजा की शुरूआत दो दिन पहले चतुर्थी तिथि को नहाय खाय से होता है, फिर पंचमी को लोहंडा और खरना होता है। उसके बाद षष्ठी को छठ पूजा होती है, जिसमें सूर्य देव को शाम का अर्घ्य अर्पित किया जाता है। इसके बाद अगले दिन सप्तमी को सूर्योदय के समय उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं और फिर पारण करके व्रत को पूरा किया जाता है।

 

पहला दिन- नहाय-खाय

 

छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से होती है। यह छठ पूजा का पहला दिन होता है, इस दिन नहाय खाय होता है। इस वर्ष नहाय-खाय 18 नवंबर को है। इस दिन सूर्योदय सुबह 06:46 बजे और सूर्योस्त शाम को 05:26 बजे पर होगा।

 

दूसरा दिन- लोहंडा और खरना

 

लोहंडा और खरना छठ पूजा का दूसरा दिन होता है। यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को होता है। इस साल लोहंडा और खरना 19 नवंबर को है। इस दिन सूर्योदय सुबह 06:47 बजे पर होगा और सूर्योस्त शाम को 05:26 बजे पर होगा।

 

तीसरा दिन- छठ पूजा (सन्ध्या अर्घ्य)

 

छठ पूजा का मुख्य दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को होता है। इस दिन ही छठ पूजा होती है। इस दिन शाम को सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है इस साल छठ पूजा 20 नवंबर को है। इस दिन सूर्यादय 06:48 बजे पर होगा और सूर्योस्त 05:26 बजे पर होगा। छठ पूजा के लिए षष्ठी तिथि की शुरूआत 19 नवंबर को रात 09:59 बजे से हो रही है, जो 20 नवंबर को रात 09:29 बजे तक है।

 

चौथा दिन- सूर्योदय अर्घ्य (पारण का दिन)

 

छठ पूजा का अंतिम दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि होती है। इस दिन सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। उसके बाद पारण कर व्रत को पूरा किया जाता है। इस साल छठ पूजा का सूर्योदय अर्घ्य तथा पारण 21 नवंबर को होगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 06:49 बजे तथा सूर्योस्त शाम को 05:25 बजे होगा।

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