मुख्यमंत्री ने की ‘आत्मनिर्भर हरियाणा’ कार्यक्रम से जुड़ी बैठक की अध्यक्षता

Share

-चंद्रशेखर पुनिया

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने केंद्र सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत 20 लाख करोड़ रुपये के घोषित पैकेज का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया है।

 

श्री खट्टर ने आज यहां हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद एवं स्वदेशी स्वावलम्बन न्यास द्वारा संचालित ‘आत्मनिर्भर हरियाणा’ कार्यक्रम से जुड़ी एक बैठक में कही। इस दौरान ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की तर्ज पर हरियाणा को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विस्तृत कार्य-योजना पेश की गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ का विजन देश के सामने रखा है। यह विजन स्लोगन मात्र न होकर एक बड़ा लक्ष्य है जिसका क्षेत्र भी व्यापक है। प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने सभी 22 जिलों में उनकी विशिष्टता के अनुरूप 22 कलस्टर बनाने की घोषणा की है। इसलिए इस कार्यक्रम से जुड़े पक्षों को कृषि तथा उद्योग से सम्बंधित योजना बनाते समय इन विभागों के साथ भी समन्वय स्थापित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर हरियाणा’ के तहत योजनाएं बनाते समय कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ऩे वाले युवाओं के साथ, पढ़ाई पूरी कर चुके ऐसे नौजवानों पर भी फोकस करना आवश्यक है जो अभी तक अपने पैरों पर खड़े नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू गई सक्षम युवा योजना काम की तलाश करने वाले युवाओं के लिए एक बेहतरीन योजना है।

 

इसके तहत, युवाओं को हर महीने 100 घंटे काम के बदले नौ हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इस योजना के तहत लगभग दो लाख युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम से जुड़े पदाधिकारी योजनाओं को अमलीजामा पहनाते समय सक्षम युवाओं का डाटा भी इस्तेमाल कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपने यहां एक एलूमनी सैल भी बनाना चाहिए। इसमें दो वर्ग बनाए जाएं।

 

एक वर्ग में ऐसे लोगों को शामिल किया जाए जो आत्मनिर्भर बन चुके हैं जबकि दूसरे में उन लोगों को शामिल किया जाए जो अभी तक अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने परिवार पहचान पत्र के नाम से एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत हर नागरिक और हर परिवार का डाटा जुटाया जा रहा है जिसका इस्तेमाल लोगों की जरूरत के हिसाब से योजनाएं बनाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर हरियाणा’ कार्यक्रम के तहत भी इस डाटा का इस्तेमाल किया जा सकता है। बैठक के दौरान हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के चेयरमैन प्रोफेसर बृज किशोर, हिसार के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ, फरीदाबाद के जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (वाईएमसीए), फरीदाबाद के कुलपति प्रोफेसर दिनेश कुमार और ओ.पी. जिंदल ग्लोबल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजकुमार, श्आत्मनिर्भर हरियाणा का लक्ष्य हासिल करने की विस्तृत कार्ययोजना पेश की। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डी.एस. ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी.उमाशंकर तथा वित्त विभाग के अतिरिक्त सचिव टी.वी.एस.एन.प्रसाद भी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *