मुख्यमंत्री द्वारा वाल्मीकि जयंती के अवसर पर पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम की शुरूआत

captain amrinder singh
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-नवदीप छाबड़ा

 

चंडीगढ़, 31 अक्टूबर: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने शनिवार को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम की औपचारिक शुरुआत की, जिसका एलान हाल ही में किया गया था। उन्होंने इस अवसर पर भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल (राम तीर्थ), अमृतसर  में महर्षि वाल्मीकि जयंती के शुभ मौके पर 50 करोड़ रुपए के प्रोजैक्टों का वर्चुअल ढंग से नींव पत्थर भी रखा।

 

वाल्मीकि जयंती के समारोहों में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री ने राम तीर्थ में एक नयी आई.टी.आई. का वर्चुअल उद्घाटन भी किया और इसके साथ ही मुकाबलेबाज़ी वाले इम्तिहानों की सही तैयारी सम्बन्धी दलित विद्यार्थियों को मदद करने के लिए एक कौशल विकास केंद्र की स्थापना को हरी झंडी भी दी। इसके अलावा उन्होंने नैगोशीएबल इंस्ट्रूमैंट्स एक्ट के अंतर्गत महान शख्सियत की याद में वार्षीक छुट्टी का एलान करते हुए कहा कि गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर द्वारा हर वर्ष भगवान वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सैमीनार भी करवाया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के सर्टिफिकेट अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को बाँटे और तकनीकी शिक्षा और अन्य विभागों द्वारा राज्य में दलित वर्ग के कल्याण हेतु शुरू की गई विभिन्न स्कीमों के लिए वाल्मीकि समाज को बधाई भी दी। उनहोंने यह भी कहा कि उनकी सरकार दलित वर्ग के कल्याण के लिए वचनबद्ध है।

 

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि यह प्रांतीय स्कॉलरशिप स्कीम यह यकीनी बनाएगी कि गरीब वर्ग के अनुसूचित जाति से सम्बन्धित विद्यार्थी मु$फ्त शिक्षा हासिल कर सकें, जिससे भारत सरकार ने राज्य को 800 करोड़ रुपए की केंद्रीय मदद बेइन्साफी भरे ढंग से बंद करके उनको महरूम कर दिया था। उन्होंने आगे कहा कि डॉ. बी.आर. अम्बेडकर पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम केंद्र सरकार द्वारा बिना किसी वित्तीय मदद के शुरू की जा रही है और इसके अंतर्गत एस.सी. विद्यार्थियों को फीस में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी, जिससे उनको 550 करोड़ रुपए की बचत होगी। यह स्कीम जो कि गरीब वर्ग के अनुसूचित जाति से सम्बन्धित 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों को हर वर्ष लाभ देगी, में विद्यार्थियों द्वारा सरकारी/निजी शिक्षा संस्थाओं को कोई अदायगी नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी एलान किया कि संस्थाओं द्वारा इस स्कीम के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सीधी सब्सिडी के कारण अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी और विद्यार्थियों को किताबें और वर्दियाँ खरीदने के लिए महीनावार भत्ता भी मिलेगा।

 

भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के प्रोजैक्टों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें महर्षी वाल्मीकि से सम्बन्धित एक पैनोरामा (25-30 करोड़ रुपए), बाहरी दीवार पर लाईट लगाना (10.9 करोड़ रुपए), सरोवर के लिए फिलट्रेशन प्लांट (4.75 करोड़ रुपए), सराए के लिए फर्नीचर (2करोड़ रुपए) और एक परिक्रमा का निर्माण (1.3 करोड़ रुपए) शामिल होंगे।

 

आई.टी.आई. के राम तीर्थ में अस्थाई कैंपस का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बताया कि इस संस्थान से नौजवान वर्ग के लिए और ज्य़ादा नौकरियाँ पैदा होंगी। उन्होंने आगे कहा कि इस संस्थान में अब तक 90 शिक्षार्थी दा$िखला ले चुके हैं और जब अगले वर्ष तक इस इमारत का 1.82 करोड़ रुपए की लागत से नवीनीकरण और 3.5 करोड़ रुपए की लागत के साथ मशीनरी की खरीद होगी, तो विद्यार्थियों की संख्या बढ़ कर 240 हो जाएगी। कोर्सों की संख्या भी मौजूदा समय के 4 से ज्य़ादा होकर 9 हो जाएगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा कि इस संस्था को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा।

 

 

इससे पहले विधायक और भंडारण निगम के चेयरमैन राज कुमार वेरका ने पोस्ट मैट्रिक एस.सी. स्कॉलरशिप बंद करने के लिए केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया जिन्होंने इस नुकसान की भरपाई के लिए विद्यार्थियों के लिए नयी प्रांतीय स्कीम शुरू की है। इस मौके पर उन्होंने वाल्मीकि समाज पर आधारित एक लघु फिल्म भी पेश की। इन जश्नों के मौके पर वाल्मीकि संत समाज के कई प्रसिद्ध प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

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