मुख्यमंत्री केंद्र के साथ मिलकर तय मैच खेलकर पंजाबियों को धोखा न देः सरदार सुखबीर सिंह बादल

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-नवदीप छाबड़ा

 

 

शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहा है कि वे मालगाड़ियों को फिर से शुरू करने में देरी करने और किसान संगठनों के चल रहे आंदोलन को बदनाम करने के लिए पंजाब में बिजली कटौती लागू कर केंद्र के साथ मिलकर एक तय मैच खेलकर पंजाबियों को धोखा दे रहे हैं।

 

 

गिद्दड़बाहा में कार्यकर्ताओं की मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि सच्चाई यह है कि मुख्यमंत्री पंजाब लिए सभी मालगाड़ियों के बंद होने वाले संकट का समाधान नही करना चाहते हैं। ‘यही कारण है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी हालिया दिल्ली यात्रा के दौरान रेलमंत्री यां प्रधानमंत्री से मुलाकात नही की थी। वह चाहते हैं कि इस मामले में देरी हो ताकि उनकी सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाया जा सके। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री एक खतरनाक खेल खेल रहे हैं जिससे राज्य को सामाजिक अशांति और आर्थिक अस्थिरता के युग की तरफ धकेला जा सकता है।

 

 

सरदार बादल ने कहा कि अगर किसानों को गेंहू की आने वाली फसल की बुआई के लिए बिजली नही मिली तो मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। उन्होने कहा कि ‘‘भले ही सस्ती बिजली बहुत ज्यादा उपलब्ध है, लेकिन पंजाब सरकार इसे खरीद नही रही है और जानबूझकर पंजाबियों को किसान संगठनों के खिलाफ करने के लिए बिजली कटौती थोप रही है।

 

 

 

सरदार बादल ने कांग्रेस सरकार से रेलमंत्रालय को जानबूझकर देरी करने की निंदा की है। उन्होने कहा कि सभी रेल पटरियों खाली हैं तथा राज्य के लिए रेल सेवाएं फिर  से शुरू की जानी चाहिए। उन्होने कहा कि कल ही इस तथ्य से केंद्र को अवगत करा दिया गया था, हालांकि किसान संगठनों ने ‘रेल रोको’ आंदोलन हटा लिया था। ‘‘ इसमें देरी कर मुख्यमंत्री ने न केवल व्यापार तथा उद्योग को भारी नुकसान पहुंचाया है बल्कि राज्य में आवश्यक वस्तुओं के मूल्य बढ़ाने के अलावा गेंहू की फसल के लिए आवश्यक उवर्रक के लिए भी देरी हुई है।

 

 

 

मुख्यमंत्री द्वारा किसान समुदाय को मुर्ख बनाने पर आमादा कांग्रेस सरकार ने केंद्रीय कृषि कानूनों में संशोधन की मांग करने वाले विधेयकों को पारित कर किसानों के मामले को कमजोर किया है। उन्होने कहा कि इन संशोधनों को राष्ट्रपति की मंजूरी नही मिलेगी क्योंकि वे व्यापार के विषय के तहत किए गए जो समवर्ती सूची में था। उन्होने कहा कि कैप्टन अमरिंदर किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए गंभीर थे तो उन्हे कृषि सूची के तहत एक विधेयक पारित करना चाहिए था जो पूरे राज्य को एक प्रमुख मंडी बनाना था।

 

 

 

अकाली दल अध्यक्ष ने भाजपा से अनुरोध किया कि वह किसान संगठनों की बात सुने और पंजाबियों की भावनाओं का ख्याल करे जो तीन केंद्रीय कृषि मंडीकरण कानूनों से परेशान  हुए हैं। उन्होने कहा कि पंजाब में भाजपा के कुछ नेता खुलकर प्रदेश के किसानों के समर्थन में उतर आए थे और हाल ही में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी का बयान आया था जिसमें उन्होने भाजपा लीडरशीप से किसानों की शिकायतों का समाधान करने को कहा था, जो सही दिशा में उठाया गया कदम है।इस अवसर पर गिद्दड़बाहा के नेता हरदीप सिंह डिंपी ढ़िल्लों भी उपस्थित थे।

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