सुपरटेक के ट्विन टावर गिराने के लिए कंपनी फाइनल, इस कंपनी का हुआ चयन

 

HAIDER ALI 

 

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद सुपरटेक के टावर गिराने के लिए कंपनी का हुआ चयन। अब सुपरटेक के 40 मंजिला ट्विन टावर गिराने की दिशा में तेजी आ गई है। बता दें कि सुपरटेक की सुझाई गई कंपनी अमेरिकी कंपनी एडफिस के नाम पर प्राधिकरण ने मुहर लगा दी है। सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट से सलाह कर प्राधिकरण ने कंपनी को फाइनल किया है। प्राधिकरण ने सुपरटेक बिल्डर को 15 जनवरी तक कंपनी से ध्वस्तीकरण के करार को अंतिम रूप देकर प्राधिकरण को सूचित करने का निर्देश दिया है।

 

गौरतलब है कि सुपरटेक की ओर से अमेरिकी कंपनी एडफिस की कार्ययोजना प्राधिकरण को सौंपी गई थी। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले वह जोहांसबर्ग में 108 मीटर ऊंची इमारतों को ध्वस्त कर चुके हैं। वहां भी एक इमारत से दूसरी इमारत की दूरी मात्र आठ मीटर थी, जबकि ट्विन टावर की ऊंचाई करीब 100 मीटर है और इनके बीच की दूरी 9 मीटर है। कंपनी ने अपनी कार्ययोजना में बताया था कि ट्विन टावर को ‘वाटरफॉल इंप्लोजन कौलेप्स मैकेनिज्म’ से ढहाया जाएगा। यह पूरी तरह से कंट्रोल ब्लास्ट होगा। इसमें बिल्डिंग ठीक उसी प्रकार एक ओर गिरती चली जाएगी, जैसे किसी झरने से पानी गिरता है। कंपनी ने यह भी बताया कि टावर तोड़ने की तैयारी में ही तीन माह का समय लग जाएगा। पूरी तैयारी होने के बाद मात्र दस सेकेंड में ही इमारत मलबे में तब्दील हो जाएगी। हालांकि, मलबा साफ करने में भी करीब तीन माह का ही समय और लगेगा।

 

बता दें कि इस कार्ययोजना को प्राधिकरण ने सीबीआरआई को भेजा था। सीबीआरआई ने इसमें करीब आधा दर्जन सुझाव देते हुए कार्ययोजना में शामिल करने की बात कही थी। अभी यह प्रकरण चल ही रहा था कि बुधवार को खरीदारों की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्राधिकरण को आदेश दिया था कि वह 17 जनवरी तक कंपनी का नाम फाइनल करके कोर्ट को अवगत कराएं। इसके बाद प्राधिकरण ने सुपरटेक बिल्डर पर सख्ती की और बिल्डर ने अमेरिकी कंपनी का चयन करके अथॉरिटी के पास भेजा। अब जल्द ही टावर गिराने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।