ब्रिटेन में नवंबर से कोरोना वायरस वैक्‍सीन की तैयारी

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(अक्षत सरोत्री)

कोरोना से जहाँ पूरा विश्व परेशान है वहीं कई देशों ने दवाई बनाने का दावा किया है। पहले रूस ने भी दावा किया था की हमने दवाई बना ली है लेकिन अब ब्रिटेन ने दावा किया है कि नवंबर में कोरोना वैक्सीन आ जाएगी और उन्होंने आगामी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अस्‍पतालों से कहा कि वे दो नंवबर से शुरू हो रहे सप्‍ताह से कोरोना वायरस वैक्‍सीन को लगाने की तैयारी शुरू कर दें। ऑक्‍सफोर्ड की कोरोना वायरस वैक्‍सीन को इस महामारी के खात्‍मे के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। अब तक के ट्रायल में इस वैक्‍सीन के प्रभावी नतीजे सामने आए हैं। कोरोना वायरस से अब तक 11 लाख 50 हजार लोग मारे गए हैं। यही दुनियाभर की अर्थव्‍यवस्‍था कोरोना संकट की वजह से तबाही के दौर में पहुंच गई है। माना जा रहा है कि ऑक्‍सफोर्ड, फाइजर और बायोएटेक की कोरोना वायरस वैक्‍सीन को जल्‍द ही मंजूरी मिल जाएगी।

AZD1222 or ChAdOx1 nCoV-19 नाम दिया गया

ऑक्‍सफोर्ड की कोरोना वायरस वैक्‍सीन को AZD1222 or ChAdOx1 nCoV-19 नाम दिया गया है। इसे ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने अस्‍त्राजेनेका के साथ मिलकर तैयार किया है। ब्रिटेन का नैशनल हेल्‍थ सिस्‍टम क्रिसमस तक देश में 5 जगहों पर वैक्‍सीन लगाने की सुविधा देने जा रहा है। इसके लिए एनएचएस के हजारों कर्मचारी इन जगहों पर तैनात किए जाएंगे। हर दिन कम से कम 10 हजार लोगों को कोरोना का टीका लगाने की योजना है।

65 साल तक के लोगों को यह टीका लगाया जाएगा

ब्रिटेन की सरकार ने वैक्‍सीन को अनुमति मिलने से पहले ही 10 करोड़ डोज का ऑर्डर दे द‍िया है। ऑक्‍सफोर्ड की वैक्‍सीन को एक इंसान को दो बार लगाना होगा। इससे ब्रिटेन की सरकार की परेशानी और बढ़ गई है। प्रस्‍ताव में कहा गया है कि हेल्‍थ वर्कर्स के अलावा स्‍वास्‍थ्‍य सेवा से जुड़े अन्‍य डॉक्‍टरों की भी मदद वैक्‍सीन को लगाने में की जाएगी। केयर होम में रहने वाले लोगों के बाद 80 साल की उम्र से ज्‍यादा लोगों और एनएचएस स्‍टाफ को वैक्‍सीन लगाया जाएगा। इसके बाद 65 साल के लोगों और फिर नौजवानों को यह टीका लगाया जाएगा।

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