जल्द आएगी 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन, फाइजर शुरू करने जा रहा ट्रायल

 

कोरोना के प्रकोप को कम करने के लिए वैक्सीनेशन की रफ्तार में तेजी लाने का काम किया जा रहा है। दुनिया में अब 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन लाने की तैयारी की जा रही है। कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन बनाने वाली अमेरिका की दिग्गज कंपनी फाइजर (Pfizer) ने कहा है कि वह अपनी वैक्सीन का ट्रायल 12 साल के कम उम्र के बच्चों पर शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत पहले चरण के ट्रायल में कम संख्या में छोटे बच्चों को फाइजर की कोरोना वैक्सीन की अलग-अलग डोज दी जाएगी। इसके लिए फाइजर दुनिया के चार देशों- संयुक्त राज्य अमेरिका, फिनलैंड, पोलैंड और स्पेन में 90 से भी ज्यादा क्लीनिकल साइट्स पर 4,500 से ज्यादा बच्चों का चयन किया जाएगा।

 

फाइजर जल्द शुरू करने जा रहा ट्रायल

 

फाइजर  ने बताया कि वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के लिए इस हफ्ते पांच से 11 साल के बच्चों को इनरोल करने का काम शुरू किया जाएगा। इन बच्चों को 10 माइक्रोग्राम की दो वैक्सीन डोज दी जाएंगी, जो कि किशोर(12 साल से 18 साल के बीच) और वयस्कों(बड़ों) को दी जाने वाली वैक्सीन की डोज का एक तिहाई है। फाइजर ने बताया कि इसके कुछ हफ्तों बाद 6 महीने से ज्यादा उम्र के बच्चों पर भी वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल शुरू किया जाएगा और उन्हें तीन माइक्रोग्राम वैक्सीन डोज दी जाएगी।

 

कब तक आ जाएगी ये वैक्सीन ?

 

फाइजर के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि सितंबर तक 5 से 11 साल के बच्चों पर वैक्सीन ट्रायल का आंकड़ा आ जाएगा, वहीं 2 से 5 साल के बच्चों के लिए भी ये आंकड़ा जल्द ही आ सकता है, जिसके बाद कंपनी इस वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए आवेदन कर देगी।

 

12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को पहले ही लगाई जा रही वैक्सीन

 

12 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीन के इस्तेमाल को पहले दी मंजूरी दी जा चुकी है। अमेरिका और यूरोपीय संघ में 12 साल से ज्यादा उम्र की बच्चों को फाइजर की वैक्सीन लगाने के लिए पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है, हालांकि ये मंजूरी इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए ही दी गई है। इस उम्र वर्ग के बच्चों को वयस्कों के समान ही यानी 30 माइक्रोग्राम की डोज दी जा रही है।

Share