13 राज्यों में पहुंचा कोरोना का रामबाण, शुरूआती कीमत के अनुसार 200 रुपए में कोविशील्ड

 

 

-अक्षत सरोत्री

 

 

कोरोना वैक्सीन (kovishield) की सप्लाई शुरू हो चुकी है और 16 से टीकाकरण शुरू हो जायेगा। ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका के कोरोना टीके कोविशील्ड का उत्पादन करने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पुनावाला ने कहा कि उनकी चुनौती 2021 में देश में सभी को यह टीका उपलब्ध करवाना है।

 

 

 

 

 

उन्होंने सरकार से ली गई कीमत के साथ ही यह भी बताया है कि बाजार में लोग किस दर पर टीका खरीद पाएंगे। अदार पुनावाला ने कहा, ”यह ऐतिहासिक कदम है कि (kovishield) वैक्सीन हमारी फैक्ट्री से रवाना किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कई देशों से पीएम मोदी को और सरकार को खत लिखा जा रहा है कि वे सीरम इंस्टीट्यूट से करोना वैक्सीन चाहते हैं।

 

 

 

 

10 करोड़ 200 रुपए प्रति डोज मिलेगी

 

 

 

 

अदार पूनावाला ने कहा कि सरकार की अपील पर 10 करोड़ डोज 200 रुपए प्रति डोज की विशेष कीमत पर दी गई है ताकि आम लोगों, जरूरतमंद, गरीब, स्वास्थ्यकर्मियों की मदद की जा सके। उन्होंने कहा, ”पहले 10 करोड़ डोज के लिए हमने कोई मुनाफा नहीं लेने का फैसला किया है। हम देश और सरकार की मदद करना चाहते हैं।” पूनावाला ने यह भी कहा कि इसके बाद सरकार को टीके की लागत कीमत 200 रुपए से कुछ अधिक मूल्य देना होगा। अदार पूनावाला ने बाजार मूल्य का खुलासा करते हुए कहा, ”हम इसे निजी बाजार में 1000 रुपए में बेचेंगे।” उन्होंने कहा कि सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इसे बाजार में, कॉर्पोरेट्स या केमिस्ट की दुकानों में बेचेंगे।

 

 

 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह दी जानकारी

 

 

 

राजेश भूषण ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत 200 रुपए प्रति डोज़ है, वहीं भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की एक डोज़ की 295 रुपए जबकि टैक्स लगाकर इसकी कीमत 309 रुपये प्रति डोज़ है। राजेश भूषण ने कहा कि अगर फाइज़र की वैक्सीन को इंडिया के मुताबिक देखें तो इसकी डोज़ की कीमत बहुत ज़्यादा। बिना टैक्स के मॉडर्ना की एक डोज़ की कीमत 2300 रुपए है। फाइज़र की दो डोज़ की कीमत 2800 रुपए है। वहीं मॉडर्ना 2300 से 2700 रुपए में उपलब्ध होगी। शिनोफार्म की एक डोज़ की कीमत 5650 रुपए है, जबकि शिनोवैक की डोज़ 1000 रुपए, नोवा वैक्सीन की 1114 रुपए, स्पूतनिक 734 रुपए, जानॉसन एन्ड जॉनसन की कीमत 734 रुपए है।

 

 

 

 

फरवरी-मार्च तक 5-6 करोड़ डोज सरकार को देंगे

 

 

 

फरवरी-मार्च तक 5-6 करोड़ डोज सरकार को देंगे। यदि सरकार की ओर से मंजूरी मिलती है तो हम बाजार में उतार सकते हैं। उसके लिए हमारे पास स्टॉक है। अदार पूनावाला ने कहा, ”कई देश भारत और प्रधानमंत्री कार्यालय को सीरम इंस्टीट्यूट से वैक्सीन सप्लाई के लिए लिख रहे हैं।

 

 

 

हम सभी को खुश रखने की कोशिश कर रहे हैं। हमें अपने देश और आबादी का भी ध्यान ध्यान रखना है। हम अफ्रीक्रा, साउथ अफ्रीका में वैक्सीन सप्लाई की कोशिश कर रहे हैं।

 

 

 

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चीनी वैक्सीन की कीमत 5000 रुपए से ज्यादा

 

देश में कोरोना टीकाकरण का इंतजार चार दिन में ही खत्म होने वाला है। देश में दो कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद इन्हें राज्यों में पहुंचाने का काम शुरू हो चुका है। इस बीच सरकार ने बताया है कि उसने सीरम इंस्टीट्यूट से 1 करोड़ 10 लाख डोज और भारत बायोटेक से 55 लाख डोज की खरीदारी की है। सरकार ने यह भी बताया कि दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले भारत सरकार ने कोरोना वैक्सीन की खरीदारी बेहद कम कीमत पर की है।

 

 

 

इस तरह से ली जा सकेगी दवाई

 

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक दो डोज़ के बीच में 28 दिन का गैप दिया जाएगा। उसके बाद 14 दिन बाद उसका प्रभाव दिखना शुरू होगा। हम स्वास्थ्यकर्मियों से वैक्सीन की शुरुआत कर रहे हैं। वो हमेशा देश की मदद कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के नागरिकों ने अपील की है कि आगे आइए और वैक्सीन लगवाइए. ये सेफ हैं, इसका हमारे पास प्रमाण है।

 

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