काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद मामले में कोर्ट का फैसला, कोर्ट ने ASI को मामले में जांच करने की मंजूरी दी

 

– कशिश राजपूत

 

 

काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद मामले में कोर्ट का फैसला आया है | कोर्ट ने ASI (Archaeological Survey of India) को मामले में जांच करने की मंजूरी दे दी है | जांच का खर्च राज्य सरकार उठाएगी | कोर्ट ने आदेश में कहा है कि 5 लोगों की कमेटी बनाई जाए और खुदाई की जाए. कमेटी में 2 अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को भी रखा जाए |

 

याचिकाकर्ता ने दावा था कि काशी विश्वनाथ मंदिर के अवशेषों से ही ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण हुआ था। साल 1991 से चल रहे इस विवाद में 2 अप्रैल को सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट के सिविल जज आशुतोष तिवारी ने दोनों पक्षों की सर्वेक्षण के मुद्दे पर बहस के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

 

काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद केस को लेकर कोर्ट का आदेश, ASI करेगी पुरातात्विक जांच

 

क्या है पूरा मामला-

दावा किया जा रहा है कि काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण करीब 2050 साल पहले महाराजा विक्रमादित्य ने करवाया था, लेकिन मुगल सम्राट औरंगजेब ने सन 1664 में मंदिर को नष्ट कर दिया था | दावा है कि इसके अवशेषों का इस्तेमाल मस्जिद बनाने के लिए किया था जिसे मंदिर भूमि पर निर्मित ज्ञानवापी मस्जिद के रूप में जाना जाता है |  याचिकाकर्ता ने अदालत से मंदिर की जमीन से मस्जिद को हटाने का निर्देश जारी करने और मंदिर ट्रस्ट को अपना कब्जा वापस देने का अनुरोध किया था |

 

पूरे मामले में वादी के तौर पर स्वयंभू भगवान विश्वेश्वर काशी विश्वनाथ और दूसरा पक्ष अंजुमन इंतजामिया मसाजिद और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड हैं। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की ओर से अधिवक्ता मुमताज अहमद, रईस अहमद सेंट्रल वक्फ बोर्ड यूपी तौफीक खान और अभय यादव ने कोर्ट में बहस की थी।

 

 

 

 

 

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