कोरोना काल में शुरू हुआ संसद का सत्र, जानिए क्या-क्या हुआ बदलाव और कैसी रही पहले दिन की कार्यवाही, एक क्लिक में फुल डिटेल

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रवि श्रीवास्तव 

संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र शुरू होने के पहले और चले तक कई ऐसे बदलाव दर्ज किए गए जो ऐतिहासिक रहें..मसलन कुछ ऐसे नियम जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए। कोरोना काल में शुरू हुई संसद की कार्यवाही से पहले सभी सांसदों का कोरोना टेस्ट हुआ। जांच के रिजल्ट चौंकाने वाले रहें..क्योंकि कोविड-19 जांच में करीब 30 सांसद और संसद के 50 से अधिक कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। सत्र के शुरू होने से पहले हर सांसद का साथ ही सचिवालय के सभी कर्मचारियों का टेस्ट अनिवार्य किया गया ताकि चूक की गुंजाइश ना रहे, बड़े पैमाने पर हुई टेस्टिंग में बड़ी तादाद में संक्रमित मरीज भी पाए गए

30 सांसद, 50 से ज्यादा कर्मचारी संक्रमित
जानकारी के मुताबिक टेस्ट के बाद 30 सांसद और सचिवालयों के 50 से अधिक कर्मचारी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए। जिसके बाद तुंरत सभी पॉजिटिव आए लोगों को संसद ना आने की अपील के साथ क्वारंटीन कर दिया गया।1 अक्टूबर तक चलने वाले संसद के मानसूत्र को कोरोना प्रूफ बनाने के लिए इस बार खास तैयारी की गई है ..सुरक्षा के उच्चतम व्यवस्था की गई है…कोई चूक ना हो इसकों लेकर हर एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं। कोरोना काल में पहली बार ही है जब संसद की कार्यवाही दो वक्त में हो रही है ।

राज्यसभा और लोकसभा की कार्रवाही अलग समय पर
कोविड-19 महामारी को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा की टाइमिंग में बदलाव किया गया है ताकि क्राउड ना हो। नियम के मुताबिक फिल्हाल बैठकें दो पालियों में होंगी। आइए आपकों बदली हुई संसद के बदलाव की कुछ मुख्य बातें बताएं

मॉनसून सत्र में हर दिन लोकसभा और राज्यसभा के चार-चार घंटों के सेशन होंगे.
सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही पहले सेशन में हुई
स्लैब के मुताबिक राज्यसभा सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी.
लोकसभा दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक की टाइमिंग रखी गई है
मानसून सत्र में संसद की कैंटीन में बस पैक्ड खाना मिलेगा
कोरोना काल में कोई सांसद कैंटीन में खाना नहीं खा पाएगा
सांसदों के हाजिरी लगाने की भी अलग व्यवस्था की गई थी।
हाजिरी के लिए मोबाइल ऐप का सहारा लिया गया।
सांसदों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर ने एक मोबाइल ऐप डिज़ाइन किया है
सदों की उपस्थिति डिजिटली दर्ज हो सकेगी और कोरोना फैलने का खतरा कम होगा.
इस बार प्रश्नकाल हटा दिया गया है और प्राइवेट मेंबर की कोई प्रक्रिया नहीं होगी

संसद की शुरूआत में पीएम मोदी का संबोधन
मानसून सत्र के पहले दिन पीएम मोदी ने संसद को संबोधित भी किया और पूरा ध्यान सीमा पर डटे जवानों की ओर खींचा…पीएम मोदी ने कहा कि सरकार सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के साथ एकजुटता से खड़ी है। साथ ही पीएम मोदी ने कहा, ”मुझे विश्वास है कि सभी सांसद सामूहिक रूप से कई विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।” कोविड महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंनें कहा कि संसद सत्र विशेष परिस्थितियों में आयोजित किया जा रहा है और सांसदों ने कोविड काल में अपनी ड्यूटी करने का फैसला किया।उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए सभी उपाय अपनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि वायरस का टीका मिलने तक कोई ढिलाई नहीं बरती जा सकती है।

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