Wednesday, February 1, 2023
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उत्तर प्रदेश दिवस पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश बनाए जाने की मांग उठी

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अमरोहा, 24 जनवरी (वार्ता)- उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर अमरोहा में राज्य के पुनर्गठन कर पश्चिम उत्तर प्रदेश राज्य बनाए जाने की केंद्र सरकार से मांग उठाई गई। अमरोहा के मंडी धनौरा स्थित सघन क्षेत्र में उत्तर प्रदेश दिवस मनाया गया। इस दौरान आयोजित गोष्ठी में राज्य पुनर्गठन कर पश्चिम उत्तर प्रदेश बनाए जाने को जनता के हित में समय की मांग बताया गया। उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी 1950 को संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर इस राज्य को उत्तर प्रदेश के रूप में पहचान मिली। इससे पहले उत्तर प्रदेश को संयुक्त प्रांत के रूप में जाना जाता था।

उत्तर प्रदेश दिवस पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश बनाए जाने की मांग उठी

पूर्व राज्यपाल राम नाईक की पहल पर मई 2017 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाने की घोषणा की थी। तब से लेकर लगातार उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाता रहा है। गैर सरकारी आंकड़ों के अनुसार 24 से 25 करोड़ सर्वाधिक जनसंख्या वाला यह राज्य संस्कृति, साहित्य,कला, राजनीति और सामाजिक परिवर्तन के आदर्श प्रस्तुत करता रहा है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्म और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर ऐतिहासिक सघन क्षेत्र में प्रबुद्ध वर्ग द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें वरिष्ठ समाजशास्त्री डा. मुस्तकीम ने कहा कि बंगाल प्रेसीडेंसी से बिहार और ओडिशा राज्य अलग बने, मद्रास प्रेसीडेंसी से आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र से गुजरात, पंजाब को विभाजित करके हिमाचल प्रदेश और हरियाणा बनाए गए और उसके बाद उत्तराखंड अलग राज्य बनाया गया।
योजना आयोग ने 1962 में यह तय किया था कि विकास के लिए उत्तर प्रदेश को पांच हिस्सों (राज्यों) में बांट देना चाहिए। अपने मुख्यमंत्रित्व काल में मायावती सरकार द्वारा भी इसका समर्थन किया था। इससे पूर्व 1996 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी द्वारा अपना घोषणापत्र जारी किया था। उत्तर प्रदेश आज सर्वाधिक जनसंख्या वाला प्रदेश है। आबादी के हिसाब से दुनिया में छठा देश है। इतनी बड़ी प्रशासकीय इकाई दुनिया में कहीं नहीं है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल 75 जिले हैं। मुख्यमंत्री पांच साल में हर जिले में नहीं जा सकते हैं।75 जिलों के डीएम, एसपी के नाम नहीं जान सकते और 403 निर्वाचित विधानसभा सदस्य तथा 100 विधानपरिषद सदस्यों की संख्या है।
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