राहुल ने कहा- नोटबंदी असंगठित अर्थव्यवस्था पर आक्रमण था

Spread the love

-निशांत राय, संवाददाता

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि करीब चार साल पहले की गई नोटबंदी ‘असंगठित अर्थव्यवस्था पर आक्रमण’ था और इसका छिपा हुआ मकसद असंगठित क्षेत्र से नकदी को निकालना था। उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी से कोई फायदा नहीं हुआ और पूरे देश को इसे पहचान कर इसके खिलाफ मिलकर लड़ना चाहिए।

राहुल ने आज जो वीडियो जारी की उसमें मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा , मोदी जी का ‘कैश-मुक्त’ भारत दरअसल ‘मजदूर-किसान-छोटा व्यापारी’ मुक्त भारत है। जो पांसा 8 नवंबर 2016 को फेंका गया था, उसका एक भयानक नतीजा 31 अगस्त 2020 को सामने आया। GDP में गिरावट के अलावा नोटबंदी ने देश की असंगठित अर्थव्यवस्था को कैसे तोड़ा ये जानने के लिए मेरा वीडियो देखिए।

वीडियो में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी देश के गरीब, किसान, मजदूर और छोटे दुकानदार पर हमला है। नोटबंदी ने देश की असंगठित अर्थव्यवस्था है। 8 नवंबर 2016 को रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया । 500 और 1000 का नोट खत्म हो गया। पूरा देश बैंक के सामने जाकर खड़ा हो गया। आपने अपना पैसा, अपनी कमाई बैंक में जमा की ।

वीडियो में आगे सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा, क्या कालाधन मिटा? नहीं. दूसरा सवाल- देश की गरीब जनता को नोटबंदी से क्या फायदा हुआ? जवाब कुछ नहीं. तो फायदा किसे हुआ। फायदा में देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों को मिला। कैसे? सरकार ने बैंक के जरिए आपकी जेब से पैसा निकालकर उद्योगपतियों का कर्जा माफ करने के लिए किया।

राहुल ने कैशलेस अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कैशलेस अर्थव्यवस्था से असंगठित अर्थव्यवस्था खत्म हो जाएगी ।क्योंकि छोटे दुकानदार, किसान, मजदूर नकद लेन-देन पर ही निर्भर रहते हैं।

गौरतलब है कि देश की जीडीपी में हुई -23.9 ऐतिहासिक गिरावट के बाद राहुल लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे है। राहुल ने इसे पहले भी केंद्र सरकार से अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर सवाल किए थे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *