Farmer Protest: “मर जाएंगे लेकिन कदम पीछे नहीं हटाएंगे”, केंद्र सरकार कर सकती सुप्रीम कोर्ट का रुख

Farmer Protest

 

 

-अक्षत सरोत्री

 

 

कृषि कानून को लेकर मामला बढ़ता (Farmer Protest) जा रहा है। क्योंकि दोनों पक्ष अब बिलकुल ही अड़ियल रवैया पर आ गए हैं। अब कृषि कानूनों के मुद्दे पर किसानों और सरकार के बीच आज शुक्रवार को एक और दौर की बातचीत हुई लेकिन अब इस मुद्दे का फैसला होने का नाम नहीं ले रहा है। आज की बैठक भी बेनतीजा रही। सरकार और किसान अपने-अपने रुख पर अड़े हैं।

 

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दोनों पक्षों ने अपना स्टैंड क्लियर किया

 

 

सरकार ने आज की बैठक में साफ कर दिया (Farmer Protest) कि वो कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी। वहीं किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं। सरकार और किसान नेताओं के बीच 15 जनवरी को अगली बैठक होगी। आज की बैठक में सरकार ने किसानों से कहा कि अब फैसला सुप्रीम कोर्ट करे तो बेहतर है। सरकार और किसानों के बीच अब तक कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन सभी बेनतीजा रही।

 

 

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साफ़ बोले किसान, कानून वापस होने तक लड़ाई जारी रहेगी

 

 

 

कानून वापस होने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। वहीं, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हम लोकतांत्रिक देश के नागरिक हैं। हमारे लोकतंत्र में राज्य सभा और लोकसभा से कोई कानून पास होता तो उसका विश्लेषण करने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट का है। सुप्रीम कोर्ट में इसे लेकर सुनवाई भी हो रही है। नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज की बैठक में कृषि कानूनों पर चर्चा हुई लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका। सरकार ने आग्रह किया कि यदि किसान संगठन तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने के अलावा कोई विकल्प दें तो हम इस पर विचार करेंगे, लेकिन कोई विकल्प प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

 

 

 

अब सरकार कोर्ट का कर सकती है रुख

 

 

कृषि मंत्री ने कहा कि आज की बैठक संपन्न हुई और 15 जनवरी को अगली बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। उधर, किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हम 15 जनवरी को बैठक के लिए फिर आएंगे। हम कहीं नहीं जा रहे। राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार संशोधन चाहती है। लेकिन हमारी सिर्फ एक मांग है कि सरकार तीनों कानूनों को वापस ले। सरकार के साथ आज की बैठक में किसान नेता बलवंत सिंह ने एक नोट लिखा। सरकार से नाराज दिख रहे बलवंत सिंह ने लिखा कि या मरेंगे या जीतेंगे।

 

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