किसानों ने लोहड़ी के साथ जलाई कृषि कानून की प्रतियां, किया प्रदर्शन

Farmers

 

 

-अक्षत सरोत्री

 

 

किसानों (Farmers) का विरोध प्रदर्शन हर दिन नए नए रूप ले रहा है। किसान हर दिन नए नए ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं। आज लोहड़ी के मौके पर किसान नए तरीके से प्रदर्शन करने वाले हैं। सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसान आज बॉर्डर पर लोहड़ी का त्योहार मना रहे हैं। इसके लिए तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। दिल्ली-चंडीगढ़ रोड पर लोहड़ी जलाने के लिए लकड़ियों के ताजा ढेर इकट्ठा किया गया है। सिंघु-बॉर्डर पर लोहड़ी और मकर संक्रांति की तैयारियां जोरों-शोरों पर चल रही हैं।

 

 

रात को मनाएंगे गर्मजोशी से लोहड़ी

 

 

दोनों त्योहार हरियाणा और पंजाब में काफी फेमस है (Farmers) सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान इस साल अपने परिवारों से दूर लोहड़ी मना रहे हैं। करीब दो हफ्ते पहले प्रदर्शन में शामिल होने वाले नाभा के एक बुजुर्ग किसान सरबजीत सिंह ने कहा कि वह अपनी आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों के लिए विरोध कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि उन्हें अपने परिवार से दूर रहने में कोई समस्या नहीं है, क्यों कि वह परिवार के लिए ही ये सब कर रहे हैं।

 

 

 

 

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पंजाब में वैसे भी बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है लोहड़ी

 

 

लोहड़ी पंजाब का सबसे फेमस त्योहार है। इस दौरान बोनफायर (Farmers) जलाकर उसमें तिल, रेवड़ी, गजक और मूंगफली से पूजा की जाती है, इस दौरान पंजाब का पांरपरिक खाना मक्के की रोटी और सरसों का साग बनाया जाता है। मंगलवार से ही बॉर्डर पर लंगर की तैयारियां शुरू हो गई थीं। इसके साथ ही बोनफायर के लिए लकड़ियां भी इकट्ठी की जा रही थीं। होशियार पुर के रहने वाले एक प्रदर्शनकारी किसान ने कहा कि वह इस साल लोहड़ी के पर्व को दूसरे प्रदर्शनकारी किसानों के साथ मना रहे हैं।

 

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लंगर की भी की गई है तैयारी

 

उन्होंने बताया कि लंगर आयोजित करने के लिए गांव में चंदा किया गया था। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी बारी बारी से गांव में जाकर अपना काम देख रहे हैं, जिसके काम काज प्रभावित न हो। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि लोहड़ी का पर्व काले कानूनों की प्रतियों को जलाकर मनाया जा रहा है। बतादें कि पिछले 47 दिनों ने प्रदर्शनकारी किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। किसान सरकार से कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग कर रहे हैं।

 

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