सरकार से बातचीत करने के लिए किसान संगठन ने बनाई 5 सदस्‍यों की कमेटी, 7 दिसंबर को फिर होगी SKM की बैठक

 

केंद्र सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों की वापसी के बावजूद किसान देश के अलग-अलग बॉर्डर पर डटे हुए हैं. किसान एमएसपी गारंटी, मृत किसानों के परिवार को मुआवजा और आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस लेने सहित अपनी अन्य लंबित मांगों पर सरकार से बातचीत के लिए शनिवार को पांच सदस्यीय समिति बनाई. किसान नेता राकेश टिकैत ने यह जानकारी दी.

 

7 दिसंबर को होगी अगली बैठक

 

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन के भविष्य को देखने के लिए किसानों की अगली बैठक 7 दिसंबर सुबह 11:00 बजे होगी. बैठक के बाद एसकेएम नेताओं ने कहा कि वे सिंघू बॉर्डर से तब तक नहीं हटेंगे, जब तक कि किसानों के खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं ले लिए जाते और लिखित में आश्वासन की मांग की. उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में किसानों की तरफ से कौन बातचीत करेगा, यह समिति तय करेगी.

 

इन मांगों पर अड़े किसान

 

गौरतलब है कि विरोध करने वाले किसानों की मुख्य मांगों में से एक तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए सोमवार को संसद में एक विधेयक पारित किया गया था. हालांकि, गतिरोध जारी है क्योंकि प्रदर्शनकारी किसान अपनी अन्य मांगों जैसे एमएसपी पर कानूनी गारंटी, आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा और मामलों को वापस लेने पर जोर दे रहे हैं.