FARMER’S PROTEST: सरकार-किसानों के बीच 8वें दौर की बातचीत भी बेनतीजा, 15 जनवरी को होगी अगली बैठक

 

 

 

FARMER’S PROTEST : पिछले कई दिनों से किसान अपनी मागों को लेकर धरना प्रदर्शन पर बैठे है. किसान और सरकार के बीच नतीजे को लेकर बार बार बातचीत की जा रहीं है. पर हर बार बेनतीजा साबित हो रहीं है.

 

 

अगली वार्ता के लिए 15 जनवरी की तारीख पर सहमति बन गई है। किसान संगठनों के नेता न तो सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हुए और न ही कोई और विकल्प पेश कर रहे हैं.

 

 

ट्विटर का ट्रंप पर डिजिटल एक्शन..अब ट्रंप कभी नहीं चला पाएंगे ट्विटर

 

 

 

 

 

 

 

सरकार की ओर से इन सभी मुद्दों पर विशेषज्ञ समिति के गठन की बात कही गई, जिसे किसान नेताओं ने खारिज कर दिया। वे कृषि कानूनों को रद करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी वाला कानून बनाने की मांग पर अड़े रहे।

 

 

 

 

 

 

फ्रांस ने कहा, हम भारत का करेंगे हर स्तर पर खुला समर्थन

 

 

 

एक बार फिर पोस्टर दिखाकर नारेबाजी – 

 

किसानों ने सरकार के खिलाफ लड़ेंगे-जीतेंगे या मरेंगे, यहीं लड़ेंगे-यहीं मरेंगे जैसे नारे लगाए.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

बैठक समाप्त होने के बाद बाहर आए किसान नेताओं ने वार्ता विफल होने की तोहमत सरकार पर लगाई। दूसरी ओर सरकार ने साफ किया कि उनकी ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया कि कानूनों के प्रावधानों पर एक-एक कर चर्चा होनी चाहिए.

 

 

 

कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने वार्ता के बाद पत्रकारों से कहा कि बातचीत के दौरान बहुत सारी बातें सामने आती हैं। उन सबको सार्वजनिक करना ठीक नहीं होता है। लेकिन चर्चा के दौरान कुछ ऐसे विषय ध्यान में आए हैं, जिन पर दोनों पक्ष अगली बैठक में अपनी तैयारी करके आएंगे। तोमर ने स्पष्ट कहा कि किसान नेता उस दिन विकल्प लेकर आएंगे तो समाधान हो जाएगा।

 

 

 

 

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *