किसानों को चाहिए एमएसपी पर खऱीद की गारंटी, केंद्र नहीं दे रही तो कैप्टन सरकार को देना होगा – ‘आप’

harpal cheema

-नवदीप छाबड़ा

 

चंडीगढ़, 6 नवंबर 2020 – आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के सीनियर नेता और नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने अमरिंदर सिंह सरकार से मांग की है कि वह पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र बुलाएं, जिस के द्वारा किसानों को एम.एस.पी पर फ़सलों की गारंटी के साथ खऱीद के बारे में क़ानून पास किया जाए।

 

 

हरपाल सिंह चीमा शुक्रवार यहां प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधन कर रहे थे। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के किसानों की एक ही मांग है कि उनको उनकी फसलों की एम.एस.पी पर गारंटी के साथ खरीद की जाए। अब यह स्पष्ट हो गया है कि केंद्र सरकार एमएसपी की कानूनी हक नहीं दे रही तो कैप्टन सरकार अपने स्तर पर इसको सुनिश्चित करे।

 

 

चीमा ने कहा कि इस तथ्य को कोई भी कृषि या आर्थिक माहिर झुठला नहीं सकता कि जब मोदी सरकार द्वारा पास किए काले कृषि क़ानून पूर्ण रूप से पंजाब में लागू हो गए तो केंद्र और पंजाब सरकार की सभी सरकारी खऱीद एजेंसियां भी गेहूं और धान की खऱीद प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगी। ऐसी स्थिति में पंजाब के किसान पूरी तरह निजी और कॉर्पोरेट घरानों के रहमोकरम पर चले जाएंगे। नतीजे के तौर पर पंजाब के किसानों की फ़सलों का हाल यू.पी-बिहार के किसानों जैसा हो जाएगा। इस कड़वे सच से ही डरा हुआ पंजाब का किसान एकजुट संघर्ष पर डटा हुआ है, परंतु केंद्र की मोदी सरकार की जि़द्दी और बदलाखोरी नीति और पंजाब की अमरिंदर सिंह सरकार की बेहद गैर-संजीदा और ड्रामे बाज पहुंच अति निराशाजनक है।

 

 

चीमा ने कहा कि किसानों की फसलों की एमएसपी पर यकीनी खरीद के लिए कानून अति ज़रूरी है, जो कि अभी तक न बनना शर्मनाक भी है। कृषि संविधान की राज्य सूची का विषय है। इस लिए पंजाब इस सम्बन्धित खुद अपना कानून बना सकता है। समस्या की गंभीरता को देखते हुए इस विषय पर कृषि प्रधान प्रदेश के तौर पर पंजाब की विधान सभा में विस्तारपूर्वक चर्चा की ज़रूरत है, जो कि अभी तक नहीं हो सकी।

 

 

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को अपनी ड्रामेबाजी छोड़ कर पंजाब के किसानों पर आए संकट को दूर करने के लिए गंभीरता दिखानी चाहिए और बिना देरी किए विधान सभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए। चीमा ने कहा कि यदि कैप्टन एम.एस.पी पर खरीद की कानूनी गारंटी के लिए विशेष सत्र नहीं बुला सकते तो उनको तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।

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