किसान अब पुराने ट्रैक्टर में फिट करा सकेंगे CNG किट

 

– कशिश राजपूत

 

 

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ट्रैक्टर लॉन्च के समय बताया कि किसान अब अपने पुराने ट्रैक्टर में भी CNG किट फिट करा सकेंगे | इसकी विस्तृत जानकारी जल्द जारी होगी | उन्होंने बताया कि कृषि में ट्रैक्टर के इस्तेमाल से औसत प्रति घंटा 4 लीटर डीजल लगता है (खर्च ट्रैक्टर के हार्सपावर पर निर्भर करता है) इसका खर्च 78 रुपए प्रति लीटर के अनुसार 312 रुपए आता है |

 

 

वहीं, सीएनजी से ट्रैक्टर चलने में 4 घंटे में 180 रुपए के करीब सीएनजी खर्च होने का अनुमान है | एक अनुमान के मुताबिक, इससे किसानों को सालाना 1 लाख रुपये का फायदा होगा |

 

 

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की अनुसंधान इकाई सेंट्रल मेकेनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमईआरआई) की वैज्ञानिक डा. अंजली चटर्जी का कहना है कि सीएनजी से ट्रैक्टर चलाने पर किसानों का खर्च घटेगा क्योंकि डीजल के मुकाबले सीएनजी की लागत कम हो जाती है।

 

 

इसके साथ ही ट्रैक्टर को बायो सीएनजी से भी चलाया जा सकेगा। सरकार इस समय हर गांव को बायोगैस प्लांट देने की व्यवस्था कर रही है। इसमें खेत में बची पराली या खेती-बाड़ी के अपशिष्ट या गोबर से भी बायोगैस बनाया जा सकेगा। ट्रैक्टर में डीजल का इस्तेमाल न सिर्फ महंगा विकल्प है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी क्षति पहुंचती है।

 

 

 

 

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