JK 24X7 NEWS से फारूक अब्दुल्ला ने की विशेष बातचीत, आरोपों को नकारा

 

-अक्षत सरोत्री

 

 

पिछले कल जम्मू कश्मीर में रोशनी एक्ट नाम के एक प्रोजेक्ट में एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ जिसमें जम्मू कश्मीर के कई बड़े नेताओं का नाम सामने आया था। डीडीए चुनाव से पहले यह खुलासा एक धमाके की तरह था। अब बात सामने आ रही है की फारूक अब्दुल्ला का घर और दफ्तर रोशनी एक्ट के तहत ही आते हैं। इस मुद्दे पर हमारे JK 24X7 NEWS के EXICUTIVE EDITOR इश्फाक गोहर ने डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला से फ़ोन माध्यम से विशेष बातचीत की जिसमें रोशनी एक्ट घोटाले में उनका नाम आने पर उनकी प्रतिक्रिया जानी। फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा की उनको सिर्फ चुनाव के समय में बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। यह एक बहुत अच्छा प्रोजेक्ट था जिसको केवल जनता की भलाई के लिए लाया गया था और अधिग्रहण तो करना पड़ा क्योंकि हमने केंद्र सरकार की इसमें कोई मदद नहीं मिल पा रही थी इसी बजह से इसको हमें अपने तरीके से लॉन्च करना पड़ा था। केवल हुए केवल उनका नाम आना सिर्फ एक साजिश है ताकि इस समय पर फ़ारूक़ अब्दुल्ला को बदनाम किया जा सके। मेरा ऐसे किसी एक्ट घोटाले से कोई लेना देना नहीं है। जम्मू का मेरा दफ्तर तो रोशनी एक्ट से पहले का है यह इसके अंतर्गत कैसे आ सकता है। यह जो बिना बजह मेरा नाम लिया जा रहा है इसको वह अदालत में चुनौती देंगे।

 

क्या है यह रोशनी एक्ट?

 

 

इस स्कीम का आधिकारिक नाम जम्मू और कश्मीर राज्य भूमि एक्ट 2001 था, जिसे रोशनी स्कीम के नाम से भी जाना गया। इसके तहत राज्य सरकार ने मामूली कीमतें तय कर उन लोगों को उन ज़मीनों पर स्थायी कब्ज़े देने की बात कही, जिन्होंने सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण कर रखा था। यानी सरकारी ज़मीनों पर गैर कानूनी कब्ज़ों को कानूनी तौर पर मालिकाना हक देने की कवायद की गई। सीएम फारुक अब्दुल्ला सरकार द्वारा 2001 में लाई गई इस स्कीम के तहत 1990 से हुए अतिक्रमणों को इस एक्ट के दायरे में कट ऑफ सेट किया गया था। उस दौरान राज्य सरकार ने किसानों को मुफ्त में उन कृषि भूमियों के पट्टे दे दिए थे, जिन पर किसानों ने कब्ज़े किए हुए थे।

 

 

रोशनी एक्ट से किस किसको फायदा हुआ?

 

 

 

इस बारे में कहा गया कि ‘स्थानीय स्तरों पर जो भी प्रभावशाली था या प्रभावशालियों के संपर्क में था’, हर उस व्यक्ति को फायदा पहुंचा। मंत्रियों, कारोबारियों, नौकरशाहों और इन सबके रिश्तेदारों या करीबियों को ज़मीनें कौड़ियों के भाव मिलीं। हसीब दरबू, मेहबूब बेग, मुश्ताक अहमद चाया, कृशन अमला, खुर्शीद अहमद गनी और तनवीर जहान जैसे प्रभावशाली नाम इस लिस्ट में सामने आ चुके हैं।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *